मध्य प्रदेश में बिश्नोई गैंग के नाम पर मिल रही धमकियों के बाद डीजीपी ने 9 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है। एसआईटी ने रंगदारी के 6 मामलों की जांच शुरू कर दी है।

भोपाल। मध्य प्रदेश में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर मिल रही धमकियों और रंगदारी के मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस मुख्यालय ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना ने छह मामलों की जांच के लिए नौ सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। यह टीम अब इन सभी मामलों की संयुक्त रूप से जांच करेगी।

इंदौर से आई रंगदारी की पहली घटना
इस तरह की पहली घटना करीब एक महीने पहले इंदौर जिले के महू क्षेत्र में सामने आई थी। यहां एक निजी अस्पताल संचालक के बेटे को फोन कॉल और वॉयस नोट के जरिए 5 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। इसके बाद ऐसे ही मामले प्रदेश के अन्य जिलों में भी सामने आने लगे, जिससे पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया।

कई जिलों में फैला है नेटवर्क
इंदौर के अलावा भोपाल, अशोकनगर और खरगोन समेत कुल छह स्थानों पर व्यापारियों को धमकियां देने और पैसे मांगने की शिकायतें दर्ज हुई हैं। इन घटनाओं में आरोप है कि बिश्नोई गैंग के नाम का इस्तेमाल कर व्यापारियों को डराया गया और उनसे मोटी रकम की मांग की गई।

डीआईजी लोधा करेंगे SIT का नेतृत्व
इन मामलों की जांच के लिए गठित SIT का नेतृत्व डीआईजी रेल राहुल लोधा को सौंपा गया है। टीम में एसपी एसटीएफ भोपाल राजेश सिंह भदौरिया, एसपी एसटीएफ इंदौर नवीन चौधरी, एसपी एटीएस वैभव श्रीवास्तव, एआईजी रेडियो सुधीर कन्नौजिया समेत अन्य अधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा, डीएसपी स्तर के कई अधिकारी भी टीम का हिस्सा हैं।  

एसआईटी ने तुरंत शुरू की जांच प्रक्रिया
डीजीपी मकवाना ने निर्देश दिए हैं कि संबंधित जिलों से केस डायरी मंगाकर तुरंत जांच शुरू की जाए। वर्तमान में जो अधिकारी इन मामलों की जांच कर रहे हैं, वे भी SIT का हिस्सा बने रहेंगे। जरूरत पड़ने पर टीम में और अधिकारियों को शामिल करने के निर्देश भी दिए गए हैं। डीजीपी ने निर्देश दिए हैं कि इस मामले को प्राथमिकता के साथ हल किया जाए।

सुरक्षा-कानून व्यवस्था पर फोकस
लगातार मिल रही धमकियों को देखते हुए पुलिस अब इस मामले को प्राथमिकता पर लेकर चल रही है। एसआईटी का गठन इस दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। एसआईटी की फाइंडिंग्स के आधार पर ऐसे मामलों पर जल्द अंकुश लगाने का प्रयास किया जाएगा। इस कार्रवाई से पुलिस अब ऐसे मामलों पर तेजी से शिकंजा कसने की तैयारी में है।