रतलाम रेल मंडल में मल्हारगढ़–मंदसौर के बीच डबल लाइन कार्य के कारण 2 से 11 मार्च तक कई ट्रेनों के रूट और समय में बदलाव किया गया है। कुछ ट्रेनें आंशिक रूप से रद्द रहेंगी। जानिए किन ट्रेनों पर पड़ेगा असर और क्या है नई व्यवस्था।

रतलाम। पश्चिम रेलवे के पश्चिम रेलवे अंतर्गत रतलाम रेल मंडल में मल्हारगढ़ और मंदसौर यार्ड के बीच चल रहे डबल लाइन निर्माण कार्य के चलते रेलवे ने अस्थायी ब्लॉक लिया है। इस तकनीकी कार्य का सीधा असर कई यात्री ट्रेनों के संचालन पर पड़ेगा। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 2 मार्च से 11 मार्च तक विभिन्न ट्रेनों के मार्ग, प्रारंभिक और अंतिम स्टेशन में बदलाव किया गया है, जबकि कुछ सेवाएं आंशिक रूप से रद्द भी रहेंगी। उज्जैन से चित्तौड़गढ़ के बीच चलने वाली 69231 उज्जैन-चित्तौड़गढ़ पैसेंजर अब 11 मार्च तक रतलाम से आगे नहीं जाएगी। यह ट्रेन रतलाम स्टेशन पर ही अपनी यात्रा समाप्त करेगी। 

मंदसौर-नीमच के बीच ट्रेनों का संचालन प्रभावित 
इसी प्रकार वापसी में 69232 चित्तौड़गढ़-उज्जैन पैसेंजर रतलाम से ही रवाना होगी और चित्तौड़गढ़ से रतलाम के बीच का हिस्सा निरस्त रहेगा। इसका अर्थ है कि रतलाम और चित्तौड़गढ़ के बीच सफर करने वाले यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी। मंदसौर और नीमच के बीच भी कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। 59834 मंदसौर-कोटा पैसेंजर अब नीमच से शुरू होगी और मंदसौर-नीमच खंड पर नहीं चलेगी। इसी तरह 59833 कोटा-मंदसौर पैसेंजर नीमच तक ही आएगी और आगे का भाग रद्द रहेगा। 59835 मंदसौर-उदयपुर सिटी पैसेंजर तथा 59836 उदयपुर सिटी-मंदसौर पैसेंजर भी नीमच तक सीमित रहेंगी। 

नीमच तक ही चलेगी मंदसौर-कोटा एक्सप्रेस
इसके अलावा 19815 मंदसौर-कोटा एक्सप्रेस और 19816 कोटा-मंदसौर एक्सप्रेस भी नीमच स्टेशन तक ही संचालित होंगी। अन्य ट्रेनों पर भी असर दिखाई देगा। 7 से 10 मार्च के बीच 19818 जमुना ब्रिज-रतलाम एक्सप्रेस चित्तौड़गढ़ तक ही जाएगी। वहीं 8 से 11 मार्च के दौरान 19327 रतलाम-उदयपुर सिटी एक्सप्रेस चित्तौड़गढ़ से शुरू होगी। 79304 चित्तौड़गढ़-रतलाम डेमू को इस अवधि में लगभग 50 मिनट नियंत्रित किया जाएगा, जिससे देरी की संभावना है। 8 मार्च को चलने वाली 07706 हिसार-काकिनाडा टाउन स्पेशल भी लगभग 2 घंटे 15 मिनट विलंब से संचालित होगी।

डबल लाइन से बेहतर होगा ट्रेनों का परिचालन
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह अस्थायी व्यवस्था ट्रैक डबलिंग कार्य को सुरक्षित और शीघ्र पूरा करने के लिए की गई है। डबल लाइन बनने से भविष्य में ट्रेनों की रफ्तार और समयपालन में सुधार होगा, साथ ही यातायात क्षमता भी बढ़ेगी। फिलहाल यात्रियों को सलाह दी गई है कि यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य जांच लें, ताकि किसी असुविधा से बचा जा सके। कुल मिलाकर, यह बदलाव अल्पकालिक परेशानी जरूर पैदा करेगा, लेकिन लंबे समय में क्षेत्र की रेल सेवाओं को अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाएगा।