भोपाल। लेंसकार्ट विवाद पर मंगलवार को राजधानी भोपाल में हिन्दू संगठनों ने प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि, हिन्दू संगठन के लोग न्यू-मार्केट-रोशनपुरा स्थित लेंसकार्ट के शोरूम में गए और कर्मचारियों को तिलक लगाया और मंत्रोचार कर उन्हें कलावा भी पहनाया। इस दौरान दुकान में भारी पुलिस बल भी मौजूद था।
हिन्दू उत्सव समिति के बैनर तले लेंसकार्ट के बाहर लोग प्रदर्शन करने इकठ्ठा हुए थे। इस हिन्दू संगठन के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी का कहना है कि, लेंसकार्ट का बहिष्कार करना चाहिए। यह हिन्दुस्तान है, यहां तिलक और बिंदी का सम्मान होना चाहिए। अगर कंपनी ने इस पर रोक लगाने की कोशिश की तो इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
चंद्रशेखर तिवारी ने चेतावनी दी है कि, कॉर्पोरेट कंपनियों द्वारा अगर सनातन धर्म के प्रतीकों का अपमान किया जाएगा तो ऐसे ही प्रदर्शन किया जाएगा। पीयूष बंसल द्वारा माफी मांगे जाने पर तिवारी ने कहा कि, भले ही उन्होंने माफी मांग ली है लेकिन संगठन इसे कभी स्वीकार नहीं करेगा। अगर कंपनियों को ऊंचाइयों तक पहुंचाया है तो इसे नीचे लाने की भी हिम्मत रखते हैं।
छिंदवाड़ा में भी हुआ था प्रदर्शन
बता दें कि, लेंसकार्ट से जुड़े विवाद को लेकर छिंदवाड़ा में भी प्रदर्शन हुआ था। सोमवार को हिन्दू संगठन (बजरंग दल) से जुड़े लोगों ने छिंदवाड़ा स्थित लेंसकार्ट शोरूम पर प्रदर्शन कर 'जय श्री राम' के नारे लगाए थे। यहां भी कर्मचारियों के हाथ में कलावा और माथे पर तिलक लगाया गया था।
क्या है लेंसकार्ट से जुड़ा विवाद
लेंसकार्ट से जुड़ा विवाद सोशल मीडिया पर शुरू हुआ था। कंपनी पर धार्मिक भेदभाव के आरोप लगे थे। इसके चलते कंपनी को सफाई देनी पड़ी थी। लेंसकार्ट का कहना था कि, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पॉलिसी पुरानी है और मौजूदा गाइडलाइंस को नहीं दर्शाती। पुरानी पॉलिसी में बिंदी, तिलक, सिंदूर या कोई अन्य धार्मिक प्रतीक लगाने की इजाजत नहीं थी।
पीयूष बंसल द्वारा शुरू किए गए इस ब्रांड ने X (पहले Twitter) पर अपने नए स्टाइल गाइड का लिंक शेयर किया। उन्होंने लिखा था कि, "हमने आपकी बात सुनी है। बिल्कुल साफ और खुले तौर पर। आज, हम अपने इन-स्टोर स्टाइल गाइड को एक जैसा बना रहे हैं और इसे सबके सामने पूरी पारदर्शिता के साथ शेयर कर रहे हैं।"
Lenskart के कर्मचारियों के लिए जारी किए गए नए स्टाइल गाइड में साफ-सुथरा दिखने से जुड़े ज्यादातर नियम पहले जैसे ही थे लेकिन कुछ अहम बदलाव भी किए गए थे। जहां पुराने गाइड में बिंदी लगाने पर रोक थी, वहीं नए गाइड में अब "धार्मिक, सांस्कृतिक या पारिवारिक निशान (जैसे बिंदी, तिलक, सिंदूर या कोई अन्य" लगाने की इजाजत है।
पुराने गाइड में कलावा पहनने पर भी रोक थी। हालांकि, नए गाइड में अब "सांस्कृतिक या धार्मिक चीजें, जैसे पवित्र धागे, चूड़ियां, कलावा, मंगलसूत्र, कड़ा या कोई अन्य चीज" पहनने की इजाजत है। जो कर्मचारी हिजाब पहनना चाहते हैं, वे पहले की तरह ही हिजाब पहन सकते हैं।