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Ladli Behna Yojana: लाड़ली बहना योजना से जुड़ा बड़ा अपडेट सामने आया है। मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने लाड़ली बहना योजना का पंजीयन दोबारा शुरू करने से जुड़ी याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत में याचिका दायर कर कहा गया था कि, पंजीयन बंद होने के कारण कई पात्र महिलाएं लाभ नहीं उठा पा रहीं हैं। सरकार ने 20 अगस्त 2023 को योजना में नए पंजीयन बंद कर दिए थे। इसके तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को मध्यप्रदेश सरकार 1500 रुपए देती है।
सरकार की ओर से याचिका का विरोध
यह जनहित याचिका पूर्व विधायक पारस सकलेचा के द्वारा दायर की गई थी। उन्होंने कहा था कि, पात्र महिलाओं की न्यूनतम आयु 21 साल से घटाकर 18 वर्ष कर देनी चाहिए। अदालत में सरकार की ओर से याचिका का विरोध किया गया। कहा गया कि, योजना के तहत नए पंजीयन दोबारा शुरू करना पूरी तरह नीतिगत विषय है।
पात्र महिलाओं को मिले उनका हक
एडवोकेट विभोर खंडेलवाल ने हाई कोर्ट में पारस सकलेचा की ओर से दलीलें दी थीं। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की डबल बेंच ने मामले को सुना। एडवोकेट विभोर खंडेलवाल ने अदालत को बताया कि, याचिकाकर्ता इस योजना के विरोधी नहीं है बल्कि चाहते हैं कि, पात्र महिलाओं को उनका हक मिले।
क्या है लाड़ली बहना योजना
इस योजना के तहत 60 से कम उम्र की विवाहित महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है। इस समय केंद्रीय मंत्री और पूर्व में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके शिवराज सिंह चौहान ने इसकी शुरुआत की थी। पहले महिलाओं को 1000 रुपए दिए जाते थे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा राशि 1500 रुपए कर दी गई है। इसे तीन हजार तक किए जाने का वादा किया गया था।
