Kuno National Park: मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में रहने वाली दक्षिण अफ्रीकी चीता गामिनी ने चार शावकों को जन्म दिया था। केंद्रीय वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने ट्वीट कर यह जानकारी दी और चौथे शावक के जन्म की पुष्टि की। गामिनी द्वारा चौथे शावक के जन्म की खबर के बाद भारत में चीतों की संख्या 39 हो गई है जिसमें 28 भारत में जन्मे शावक शामिल हैं।
केंद्रीय वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने एक्स पर लिखा, "कूनो नेशनल पार्क को मादा चीता गामिनी के चौथे बच्चे के जन्म की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। फील्ड और वेटेरिनरी टीमों द्वारा गहन मॉनिटरिंग के दौरान चौथे बच्चे की मौजूदगी की पुष्टि हुई। चारों बच्चे अभी स्वस्थ हैं और ठीक हैं। यह डेवलपमेंट प्रोजेक्ट चीता के तहत साइंटिफिक मैनेजमेंट और कंजर्वेशन के लिए लगातार कमिटमेंट को दिखाता है, और भारत में चीतों को फिर से लाने की यात्रा में एक और पॉजिटिव कदम है। भारत में अब चीतों की संख्या 39 हो गई है, जिसमें 28 भारत में जन्मे बच्चे शामिल हैं।"
18 फरवरी को दिया था शावकों को जन्म
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने 18 फरवरी को बताया था कि, मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में चीता 'गामिनी' ने तीन बच्चों को जन्म दिया, जिससे भारत में इन बड़ी बिल्लियों की संख्या 38 हो गई है। गामिनी को दक्षिण अफ्रीका से भारत लाया गया था, जो दुनिया के सबसे तेज जमीनी जानवर की आबादी को भारत में फिर से बसाने के बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जो दशकों पहले खत्म हो गया था। बता दें कि, इस महीने की शुरुआत में नामीबियाई चीता आशा के पांच शावक भी पैदा हुए थे।
क्या है प्रोजेक्ट चीता
भारत का प्रोजेक्ट चीता, 17 सितंबर, 2022 को शुरू हुआ था, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नामीबिया से लाए आठ चीतों को कूनो में छोड़ा था। बाद में, दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते भी लाए गए और कूनो में छोड़े गए। यह प्रजाति 1952 में देश से खत्म हो गई थी। हलांकि इस बड़े प्रोग्राम की शुरुआत से लेकर अब तक, कुनो में 21 चीतों की मौत हो चुकी है।
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