छतरपुर में Ken-Betwa प्रोजेक्ट के विरोध में आदिवासी महिलाएं बच्चों संग चिता पर लेटीं, सरकार पर गंभीर आरोप।

Ken-Betwa Project Protest: मध्यप्रदेश। केन बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में छतरपुर में बुधवार को अनोखा प्रदर्शन देखने को मिला। बुधवार दोपहर बड़ी संख्या में महिलाएं अपने बच्चों के साथ प्रदर्शन करने पहुंची। विरोध जताने के लिए वे चिताओं पर बच्चों के साथ लेट गईं। इस विरोध की तस्वीर साझा करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

सांकेतिक चिताओं पर लेटी महिलाएं
आंदोलन का नेतृत्व जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर कर रहे हैं। उनके साथ कई महिलाएं भी प्रोटेस्ट में शामिल हुई हैं। प्रोजेक्ट के विरोध में ये महिलाएं अपने बच्चों के साथ सांकेतिक चिताओं पर लेटी हैं। महिलाओं का कहना है कि, या तो सरकार उन्हें न्याय दे नहीं तो उन्हें मौत दे दी जाए। 

राशन-पानी रोकने का आरोप
प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि, उन्हें दिल्ली जाने से रोका जा रहा है। रास्ते में अवरोध लगाया गया है और उनका राशन-पानी तक रोक दिया गया है। उन्हें कई तरह की धमकियाँ भी दी जा रही है। प्रशासन गांव-जंगल में धारा -163 लगाकर उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। 

बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक
प्रशासन ने धारा 163 लगाकर पन्ना और छतरपुर की सीमाओं पर बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। इसके बावजूद पन्ना और छतरपुर के किसान अपनी सीमाओं में रहकर विरोध कर रहे हैं। 

जीतू पटवारी ने सरकार को घेरा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा 'मोदी-मोहन की जोड़ी ने मध्य प्रदेश के आदिवासियों को चिता पर लेटने के लिए मजबूर कर दिया है। छतरपुर में केन-बेतवा प्रोजेक्ट के लिए हजारों आदिवासियों के गांव खाली करवाए जा रहे हैं, न उचित मुआवजा, न पुनर्वास की सुविधा। इसके विरोध में आदिवासी महिलाएं चिता पर लेटकर भाजपा सरकार का विरोध कर रही हैं। आखिर यह कैसा विकास है, जो लोगों के घर उजाड़ रहा है?'

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