इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट में बाधा बन रही 28 दुकानों को हटाने के लिए नगर निगम ने मेट्रो कंपनी से 1 करोड़ रुपये की मांग की है। भुगतान के बाद ही तोड़फोड़ शुरू होगी, जिससे प्रोजेक्ट को रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

इंदौर। शहर में चल रहे मेट्रो प्रोजेक्ट के बीच एक अहम प्रशासनिक मुद्दा सामने आया है। नगर निगम ने मेट्रो निर्माण कार्य में बाधा बन रही दुकानों को हटाने के लिए मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन से लगभग 1 करोड़ रुपए की मांग की है। यह राशि उन 28 दुकानों को हटाने के बदले में मांगी गई है, जो वर्तमान में मेट्रो निर्माण के रास्ते में आ रही हैं। जानकारी के मुताबिक, ये दुकानें मुख्य रूप से शिवाजी मार्केट और छोटा गणपति क्षेत्र में स्थित हैं। 

काम बढ़ाने केलिए दुकानें हटाना जरूरी 
मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत इन जगहों पर स्टेशन और अन्य संरचनाओं का निर्माण प्रस्तावित है, जिसके लिए भूमि खाली कराना जरूरी है। अधिकारियों के अनुसार, शिवाजी मार्केट में 16 दुकानों और छोटा गणपति मंदिर के पास 12 दुकानों को हटाना आवश्यक है, ताकि निर्माण कार्य बिना रुकावट आगे बढ़ सके। नगर निगम का कहना है कि ये सभी दुकानें उसकी संपत्ति के अंतर्गत आती हैं, इसलिए इन्हें हटाने की प्रक्रिया और उससे जुड़े खर्च का वहन मेट्रो कंपनी को करना होगा। 

नगर निगम ने पहले भुगतान की शर्त रखी
इसी कारण निगम ने पहले भुगतान की शर्त रखी है, जिसके बाद ही तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू की जाएगी। अधिकारियों का यह भी कहना है कि जैसे ही निर्धारित राशि प्राप्त हो जाएगी, तुरंत अतिक्रमण हटाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। मेट्रो परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यह राशि जल्द ही जमा कर दी जाएगी, जिससे काम में हो रही देरी खत्म हो सकेगी। इन दुकानों के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है और परियोजना की गति धीमी पड़ रही है। 

छोटा गणपति क्षेत्र से 10 गुमटियां भी हटेंगी 
कई दुकानें पहले ही बंद हो चुकी हैं, क्योंकि निर्माण स्थल के आसपास बैरिकेडिंग कर दी गई है, जिससे वहां पहुंचना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा, छोटा गणपति क्षेत्र में मौजूद लगभग 10 अस्थाई गुमटियों को भी हटाने की योजना है। चूंकि ये स्थायी निर्माण नहीं हैं, इसलिए इन्हें हटाने के लिए किसी प्रकार का मुआवजा नहीं दिया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इन कदमों से मेट्रो परियोजना को तेजी मिलेगी और शहर के यातायात ढांचे में सुधार की दिशा में काम आगे बढ़ेगा।