सीएम मोहन यादव आज जबलपुर में ‘कृषि मंथन 2026’ कार्यक्रम में शामिल होंगे और 13 करोड़ की लागत से बने प्रशासनिक भवन का उद्घाटन करेंगे। साथ ही कई कृषि परियोजनाओं की भी शुरुआत करेंगे। अधिक जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर।

भोपाल/जबलपुर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज जबलपुर में जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित ‘कृषि मंथन 2026’ में शामिल होंगे और कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। इस अवसर पर वह विश्वविद्यालय परिसर में बनाए गए प्रशासनिक भवन का उद्घाटन भी करेंगे। जिसका निर्माण लगभग 13 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है। कार्यक्रम में डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल, किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री एंदल सिंह कंषाना, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री लखन पटेल समेत अन्य लोग उपस्थित रहेंगे।

 विकास परियोजनाओं का करेंगे शुभारंभ 
इस मुख्यमंत्री अपने इस दौरे के दौरान केवल एक भवन का उद्घाटन नहीं करेंगे, बल्कि कृषि क्षेत्र से जुड़ी अन्य परियोजनाओं को भी हरी झंडी देंगे। इनमें गन्ना अनुसंधान केंद्र, कौशल विकास केंद्र और जैव उर्वरक उत्पादन इकाई जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शामिल हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य किसानों को बेहतर संसाधन, तकनीक और प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है, ताकि उनकी उत्पादकता बढ़ सके और उन्हें आधुनिक कृषि से जोड़ा जा सके।

कृषि मंथन 2026 में होगा विचार-विमर्श 
इस कार्यक्रम के तहत राज्य स्तर पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें कृषि के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी। इसमें तकनीकी नवाचार, बाजार की जरूरतें और किसानों के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कार्यशाला का मुख्य लक्ष्य कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं को तलाशना और किसानों के लिए बेहतर रणनीति तैयार करना है, जिससे उनकी आय और उत्पादन दोनों में सुधार हो सके।

प्राकृतिक खेती और प्रशिक्षण पर जोर 
सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष पहल कर रही है। इसी क्रम में लगभग एक हजार कृषि सखियों को प्रशिक्षित करने की योजना शुरू की जाएगी, जिससे गांव स्तर पर किसानों को मार्गदर्शन मिल सके। यह पहल न केवल पर्यावरण के अनुकूल खेती को प्रोत्साहित करेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ाएगी। कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री का यह दौरा कृषि क्षेत्र के विकास और किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।