भोपाल में TET अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का प्रदर्शन, DPI का घेराव। 11 अप्रैल तक सरकार को अल्टीमेटम, 18 अप्रैल को बड़े आंदोलन की चेतावनी।

मध्यप्रदेश। राजधानी भोपाल में TET परीक्षा की अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षक संगठनों ने प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि, शिक्षकों ने लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) का घेराव किया और परीक्षा रद्द करने की मांग की। नारेबाजी करते हुए शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसी तरह के प्रदर्शन प्रदेश के कुछ अन्य जिलों में भी किए गए।

प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने आरोप लगाया कि, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के नाम पर जारी आदेश ने हजारों पुराने शिक्षकों की नौकरी खतरे में डाल दी है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि, सरकार को टीईटी आदेश को निरस्त करते हुए सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर करनी चाहिए। 

DPI भोपाल के संचालक केके द्विवेदी को शिक्षकों ने ज्ञापन सौंपा है। बुधवार को ज्ञापन देने के बाद आंदोलन खत्म कर दिया गया। हालांकि चेतावनी देते हुए कहा गया है कि, अगर एमपी सरकार 11 अप्रैल तक टीईटी परीक्षा को लेकर रिव्यू पिटीशन दायर नहीं करती तो दोबारा आंदोलन किया जाएगा।

18 अप्रैल को करेंगे बड़ा प्रदर्शन
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि, मांगे न माने जाने की स्थिति में 18 अप्रैल को राजधानी भोपाल में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी अगर सरकार ने मांगे नहीं मानी तो प्रदेश भर के शिक्षक राजधानी भोपाल में डटे रहेंगे।

भोपाल में प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों का कहना है कि, योग्यता की जांच के नाम पर दोबारा परीक्षा करवाई जा रही है तो कलेक्टर और हर प्रशासनिक अधिकारी पर भी यह लागू होना चाहिए। हर पांच साल में इस तरह की परीक्षा होनी चाहिए।

बता दें कि, DPI भोपाल ने बीते दिनों एक आदेश जारी किया था। जिसके अनुसार जिन शिक्षकों के रिटायरमेंट में पांच साल से अधिक समय बचा है उन्हें टीईटी परीक्षा देनी होगी। संबंधित शिक्षक को दो साल के अंदर यह परीक्षा पास करनी होगी नहीं तो उसकी सेवाएं खत्म हो जाएंगी। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आधार पर जारी किया गया था। इस फैसले से शिक्षक काफी नाराज हैं।

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