भोपाल। स्थानीय अयोध्या बायपास क्षेत्र में झुग्गियां हटाने को लेकर गुरुवार को तनावपूर्ण स्थिति बन गई। सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत झुग्गी बस्ती हटाने के विरोध में स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए और करीब एक घंटे तक यातायात बाधित कर दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर पत्थर रखकर रास्ता रोक दिया।
दरअसल, अयोध्या बायपास को 10 लेन में विकसित करने का काम जारी है, जिसके कारण रास्ते में आने वाली झुग्गियों, दुकानों और अन्य निर्माणों को हटाया जा रहा है। इसी कड़ी में केसर बस्ती की लगभग 90 झुग्गियां भी हटाने की तैयारी है। इसके विरोध में बस्ती के लोग सड़क पर उतर आए और जाम लगा दिया।
सड़क जाम से लगी वाहनों की लंबी कतारें
प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग हाथों में लाठी-डंडे लेकर सड़क पर खड़े हो गए और वहां से गुजर रहे लोगों को रोकने लगे। हालात ऐसे बने कि कुछ राहगीरों को डर के कारण पीछे हटना पड़ा। प्रदर्शनकारियों में महिलाओं की भी बड़ी संख्या रही। सड़क जाम होने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
पुलिस के समझाने पर खत्म हुआ जाम
सूचना मिलने पर अयोध्या नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। प्रदर्शनकारी बड़ी देर तक पुलिस के साथ हुज्जत करते रहे। बड़ी मुश्किल से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझा-बुझाकर सड़क से हटाया। इसके बाद ही यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका। थाना प्रभारी के अनुसार, झुग्गी निवासियों को पहले नोटिस दिया जा चुका था। उन्हें बता दिया गया था उनकी झुग्गियां हटाई जाएंगी।
चौड़ी की जाएगी 16 किमी लंबी सड़क
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई नेशनल हाईवे-146 पर चल रहे सड़क विस्तार प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इस परियोजना के तहत आशाराम तिराहे से रत्नागिरी तिराहे तक करीब 16 किलोमीटर लंबी सड़क को चौड़ा किया जा रहा है। इसके साथ ही आनंद नगर क्षेत्र में एक फ्लाईओवर भी बनाया जाना प्रस्तावित है।
प्रभावितों को अब तक नहीं मिला मुआवजा
इसके लिए कई दुकानों और कुछ धार्मिक स्थलों को हटाया या स्थानांतरित किया जा चुका है। इससे प्रभावित परिवारों का कहना है कि उन्हें अभी तक उचित मुआवजा और पुनर्वास की स्पष्ट व्यवस्था नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें रहने के लिए वैकल्पिक स्थान और पर्याप्त आर्थिक सहायता नहीं दी जाती, तब तक इस तरह की कार्रवाई उचित नहीं है।