भोपाल। शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली बड़ी झील के कैचमेंट एरिया में हुए अवैध निर्माणों को हटाने के लिए प्रशासन ने एक बार फिर सख्ती दिखाने की तैयारी शुरू कर दी है। पहले बैरागढ़ इलाके में कार्रवाई की गई थी और अब प्रशासन की नजर टीटी नगर क्षेत्र पर है, जो बड़ी झील के जलग्रहण क्षेत्र में आता है। झील कैचमेंट एरिया में अनियंत्रित निर्माण से जल स्रोतों और पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसी कारण ऐसे निर्माणों को चिन्हित कर हटाने की योजना बनाई गई है।
टास्क फोर्स की बैठक में लिया गया निर्णय
शनिवार को टीटी नगर नजूल कार्यालय में इस मुद्दे पर बैठक हुई। बैठक कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम द्वारा गठित विशेष टास्क फोर्स के सदस्यों की मौजूदगी में हुई। बैठक में बड़ी झील के कैचमेंट एरिया में बने अवैध ढांचों को हटाने की रणनीति पर चर्चा की गई। तय किया गया कि जिन लोगों ने बिना अनुमति के इस क्षेत्र में मकान, बंगले या झुग्गियां बना ली हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे निर्माणों को हटाने के लिए बुलडोजर चलाया जाएगा।
11 मार्च से शुरू किया जाएगा अभियान
अधिकारियों के अनुसार अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई 11 मार्च से शुरू की जाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि 16 मार्च 2022 के बाद कैचमेंट एरिया में बनाए गए सभी निर्माण सीधे कार्रवाई के दायरे में आएंगे और उन्हें हटाया जाएगा। हालांकि जिन निर्माणों का निर्माण इससे पहले हुआ है, उनके मालिकों को पहले नोटिस दिया जाएगा। नोटिस के बाद संबंधित पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। सुनवाई पूरी होने के बाद नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एफटीएल सीमा में आने वाले निर्माण भी हटेंगे
प्रशासन ने यह भी तय किया है कि कैचमेंट एरिया का दोबारा सीमांकन किया जाएगा। फुल टैंक लेवल (एफटीएल) से 50 मीटर के दायरे में आने वाले सभी निर्माणों की जांच की जाएगी। यदि कोई ढांचा इस सीमा के भीतर पाया जाता है, तो उसे भी हटाने की कार्रवाई की जाएगी। तहसीलदार कुणाल राउत ने कहा है कि यह कार्रवाई बिना किसी भेदभाव के की जाएगी। चाहे निर्माण किसी भी व्यक्ति का हो, यदि वह नियमों का उल्लंघन करता है तो उसे हटाया जाएगा।
कई विभागों के अधिकारी बैठक में रहे मौजूद
इस बैठक में झील संरक्षण प्रकोष्ठ के प्रभारी प्रमोद मालवीय के अलावा वन विभाग, नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी भी शामिल हुए। सभी विभागों ने मिलकर इस अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने की रणनीति तैयार की। प्रशासन का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल अवैध निर्माण हटाना ही नहीं, बल्कि बड़ी झील के कैचमेंट एरिया को सुरक्षित रखना भी है। इससे भविष्य में जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।