इंदौर में Axis Bank की पूर्व महिला मैनेजर ने सीनियर अधिकारियों पर शोषण और धमकी के आरोप लगाए, जनसुनवाई में कलेक्टर से न्याय की गुहार।

इंदौर में Axis Bank की एक पूर्व महिला मैनेजर ने अपने सीनियर अधिकारियों पर शारीरिक, मानसिक शोषण जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने जनसुनवाई में पहुंचकर कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई। आरोप है कि, सीनियर अधिकारियों ने उसका शारीरिक और मानसिक शोषण किया। इस्तीफा देने पर भी उसका बकाया भुगतान रोका और शिकायत करने पर उसे डराया-धमकाया।

पूर्व महिला मैनेजर चोइथराम मंडी एक्सिस बैंक शाखा में ऑपरेशन हेड रहीं हैं। उन्होंने फरवरी 2023 से मई 2025 तक काम किया। उन्हें काम में 5 में से 4 रेटिंग और कई अवार्ड भी मिले हैं।

पीरिड्स के समय भी घंटों खड़ा रखा
आवेदन में पूर्व महिला मैनेजर ने बताया है कि, सीनियर अधिकारी केबिन में बुलाकर अश्लील इशारे किया करते थे। यहां तक की दोहरे अर्थ वाले शब्द कहने का भी आरोप लगया गया। महिला का कहना है उसे पीरिड्स के समय भी घंटों खड़ा रखा जाता था। कुर्सी खाली होने पर भी बैठने नहीं दिया जाता था। बैंक की अनिवार्य छुट्टी से भी वंचित रखा जाता था।

बोनस मांगने पर भुगतान रुकवाया
इन सब बातों से तंग आकर महिला मैनेजर ने रिजाइन कर दिया। हालांकि तीन महीने का नोटिस पीरियड पूरा करने पर भी उन पर मानसिक दबाव बनाया गया। उनका कहना है कि, बोनस मांगने पर क्षेत्रीय और जोनल अधिकारियों ने उनका भुगतान भी रुकवा दिया।

महिला का कहना है कि, लेबर ऑफिसर कार्यालय में भी बैंक के कमर्चारी अपने अड़ियल रवैये पर कायम रहे। कार्यालय के बाहर 'तुझे बैंक बर्बाद कर देगा जैसी धमकियां भी दी गई।'

निष्पक्ष जांच की मांग
Axis Bank की पूर्व महिला मैनेजर ने कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने आवेदन में कहा है कि, लेबर ऑफिस और शी-बॉक्स जैसे निवारण केंद्रों पर शिकायत करने के बाद अब उन्होंने जनसुनवाई में आवेदन किया है।

बैंक के डिप्टी एचआर का कहना है कि, वे बोनस के लिए एलिजेबल नहीं है। उनके पास शोषण जैसी कोई शिकायत नहीं आई थी। बाकि घटनाओं की उन्हें जानकारी नहीं है।