भोपाल। शिवपुरी जिले के करैरा में अधिवक्ता संजय सक्सेना की दिनदहाड़े हत्या के विरोध में सोमवार 16 फरवरी को प्रदेश के वकीलों ने कार्य का बहिष्कार किया है। इसका असर ग्वालियर, जबलपुर और इंदौर समेत प्रदेश के हाईकोर्टों और भोपाल समेत प्रदेश की अन्य अदालतों का कामकाज प्रभावित हुआ। वकील न्यायालय परिसर में उपस्थित तो हुए लेकिन मामले में पैरवी नहीं कर रहे। वकीलों की इस हड़ताल की वजह से प्रदेश में हजारों मामले प्रभावित हुए और बड़ी संख्या में अदालत पहुंचे पक्षकारों को परेशान होना पड़ा।
कोर्ट पहुंचे पक्षकार हुए प्रभावित
इंदौर और जबलपुर में भी वकीलों ने कामकाज का बहिष्कार किया। वकीलों के बहिष्कार की वजह से हाईकोर्ट और निचली अदालतों में कामकाज नहीं हुआ। प्रदेश के अन्य शहरों की अदालतों में भी वकीलों ने कामकाज से दूरी बनाई। इस दौरान बड़ी संख्या में अदालत पहुंचे पक्षकारों को निराशा का सामना करना पड़ा। वकीलों के बहिष्कार की वजह से उनके केसों की सुनवाई आगे नहीं बढ़ पाई तो अदालतों ने उन्हें सुनवाई की अगली तारीख दे दी।
हड़ताल को कार्य से विरत दिया नाम
इस घटना के विरोध में स्टेट बार एसोसिएशन, स्थानीय बार एसोसिएशन के अलावा न्यायालय से जुड़े अन्य संगठनों ने भी एकजुटता दिखाई। सर्वसम्मति से तय किया गया कि 16 फरवरी को प्रदेशभर में वकील कामकाज बंद रखेंगे। उन्होंने अपनी इस हड़ताल को कार्य से विरत नाम दिया है, ताकि न्यायालयों में उपस्थिति दर्ज रहे, लेकिन विरोध भी स्पष्ट रूप से सामने आए। उल्लेखनीय है कि यह घटना दो दिन पहले की है, जब करैरा निवासी अधिवक्ता संजय सक्सेना सुबह अपने घर से कोर्ट जाने के लिए निकले थे।
