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45 kg jackfruit in katni: कटनी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। शहडोल के छतैनी गांव का किसान 45 किलो वजनी कटहल को बेचने बरही बस स्टैंड पहुंचा तो सब हैरान रह गए। 4 फीट के कटहल को बाजार में कोई खरीदने को तैयार नहीं हुआ। मजबूरन किसान ने महिला दुकानदार दुअसिया बाई को 200 रुपए में बेचा दिया। इतने बड़े आकार के कटहल की चर्चा पूरे बाजार में रही।
चार लोगों ने मिलकर कटहल को उतारा
सोमवार को ब्यौहारी के छतैनी गांव के बुजुर्ग किसान कटनी के बरही बस स्टैंड पर कटहल की कई बोरियों के साथ उतरे। उसी समय लोगों की नजर 4 फीट के कटहल पर आकर ठहर गई। 45 किलो वजनी कटहल को गाड़ी से उतारकर चार लोग जैसे-तैसे मंडी तक ले गए। वजन ज्यादा और साइज में बड़ा होने के चलते कई घंटो के इंतजार के बाद भी किसान को कटहल का कोई खरीदार नहीं मिला। अंत में मजबूरन बुजुर्ग किसान ने महिला दुकानदार को 200 में कटहल बेच दिया।
आवक ज्यादा इसलिए रेट कम
बता दें कि उमरिया-शहडोल और बरही के जंगलों में इस समय कटहल की काफी फसल आ रही है। आवक ज्यादा होने से अभी यहां 15 से 20 रुपए किलो के भाव मिल रहे हैं, जबकि शहरों में इसका भाव 50 रुपए किलो से ज्यादा है। किसान से 45 किलो का कटहल खरीदने वाली दुअसिया बाई ने बताया कि किसान हर साल बड़े-बड़े कटहल लेकर बरही के बाजार में आता है।
इसलिए कटहल का आकार होता है बड़ा
कटहल की सब्जी बहुत फायदेमंद होती है, क्योंकि यह उष्णकटिबंधीय फल और सब्जी की लिस्ट में शामिल है। कटहल अपने प्राकृतिक विकास के कारण इतना बड़ा और भारी हो जाता है। इसकी वजह उसके पेड़ को पर्याप्त मात्रा में पानी, धूप, और मिट्टी से पोषक तत्व मिलते हैं जिससे फल का आकार और वजन बढ़ता है।
