घटना के दिन उसकी पत्नी अपने तीन साल के बेटे के साथ मायके गई हुई थी। शाम को जब युवक की मां छत पर पौधों को पानी देने गईं, तो उन्होंने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद पाया। खिड़की से देखने पर पता चला कि युवक ने फंदा लगाया हुआ था।

हरियाणा के यमुनानगर जिले में एक 32 वर्षीय युवक ने अपनी शादी की 5वीं वर्षगांठ के दिन ही मौत को गले लगा लिया। जिस दिन घर में खुशियां मनाई जानी चाहिए थीं, उस दिन चिराग नाम के युवक ने पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। घटना के समय उसकी पत्नी अपने बच्चे के साथ मायके गई हुई थी।

वर्षगांठ की शाम घर में पसरा सन्नाटा 
मृतक की पहचान जम्मू कॉलोनी निवासी चिराग उर्फ लक्की के रूप में हुई है। चिराग यमुनानगर की ही एक निजी फैक्ट्री में श्रमिक के तौर पर कार्यरत था। उसकी शादी करीब पांच साल पहले उत्तर प्रदेश के सहारनपुर की मोनिका से हुई थी। फिलहाल मोनिका का मायका पक्ष यमुनानगर के बलाचौर इलाके में ही रह रहा है। चिराग और मोनिका का एक तीन साल का बेटा भी है।
परिजनों के अनुसार सोमवार को चिराग की शादी की 5वीं सालगिरह थी। घर में किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह दिन परिवार के लिए इतना बड़ा सदमा लेकर आएगा।

पिछले 10 दिनों से मायके में थी पत्नी 
चिराग के चाचा देवेंद्र ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि चिराग अपने पिता नरेंद्र के चार बच्चों में तीसरे नंबर का बेटा था। वह अपने घर की ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में पत्नी और बच्चे के साथ रहता था। लगभग 10 दिन पहले उसकी पत्नी मोनिका अपने बेटे को लेकर अपने माता-पिता के घर चली गई थी। चिराग घर पर अपनी मां और अन्य सदस्यों के साथ रह रहा था।

रात को मोबाइल चलाया 
रविवार की रात चिराग ने परिवार के साथ सामान्य रूप से भोजन किया और अपने कमरे में चला गया। परिजनों ने बताया कि वह देर रात करीब 1:30 बजे तक मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहा था। उसके बाद वह फोन नीचे रखकर कमरे में सोने चला गया।

अगली सुबह यानी सोमवार को जब चिराग कमरे से बाहर नहीं आया, तो घर वालों को लगा कि वह रोज की तरह सुबह जल्दी ही फैक्ट्री के लिए निकल गया होगा। चूंकि वह अक्सर बिना बताए काम पर चला जाता था, इसलिए किसी ने उसके कमरे की जांच करना जरूरी नहीं समझा।

मां ने खिड़की से देखा तो फटने लगा कलेजा
सोमवार की शाम करीब 5:00 बजे जब चिराग की मां छत पर लगे पौधों को पानी देने ऊपर गईं तो उन्होंने देखा कि चिराग के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक आवाज देने के बावजूद जब कोई जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने खिड़की से अंदर झांक कर देखा। अंदर का नजारा देखते ही उनकी चीख निकल गई। चिराग पंखे के सहारे लाल रंग की चुन्नी का फंदा बनाकर उस पर लटका हुआ था।

पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकाला 
मां के शोर मचाने पर परिवार के अन्य सदस्य और पड़ोसी मौके पर जमा हो गए, तुरंत हमीदा पुलिस चौकी को सूचित किया गया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने कमरे का दरवाजा तोड़ा और चिराग को फंदे से उतारा। उसे तत्काल नागरिक अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे देखते ही मृत घोषित कर दिया।

पहेली बनी आत्महत्या, नहीं मिला कोई सुसाइड नोट
इस मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि चिराग ने आत्महत्या क्यों की, इसका सुराग पुलिस और परिजनों को अब तक नहीं मिल सका है। मृतक के चाचा देवेंद्र ने स्पष्ट किया कि कमरे की तलाशी के दौरान कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है।
 चाचा देवेंद्र ने बताया कि लक्की पूरी तरह स्वस्थ था और घर में किसी भी प्रकार का कोई विवाद या तनाव नहीं था। हमें समझ नहीं आ रहा कि उसने इतना आत्मघाती कदम क्यों उठाया। 

पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा 
हमीदा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम करवाया और फिर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या पति-पत्नी के बीच कोई अनबन थी या कोई अन्य कारण था जिसने चिराग को यह कदम उठाने पर मजबूर किया।