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Rewari: अंबेडकर चौक के पास एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद महिला की हालत बिगड़ने पर उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। पीजीआई में उपचार के दौरान रविवार सुबह महिला की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने शव के साथ निजी अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर ऑपरेशन के दौरान नस काटने के आरोप लगाते हुए संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। दूसरी ओर अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए स्वीकार किया कि ऑपरेशन के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव के कारण महिला को पीजीआई के लिए रेफर किया गया था। पुलिस के उचित कार्रवाई के आश्वासन पर परिजन शांत हुए।
निजी अस्पताल में महिला का करवाया था पथरी का ऑपरेशन
श्याम नगर निवासी करीब 50 वर्षीय मीना देवी पथरी का दर्द होने के कारण बीते शुक्रवार को अपनी बेटी के साथ अंबेडकर चौक पर निजी अस्पताल में उपचार के लिए आई थी। डॉक्टर ने पित्त की थैली का ऑपरेशन कराने की सलाह दी। डॉक्टर ने आयुष्मान कार्ड के चक्कर में जल्दबाजी में परिजनों को बुलाए बिना ही उसकी बेटी से कागजों पर साइन कराने के बाद ऑपरेशन कर दिया। ऑपरेशन ठीक नहीं होने के कारण ब्लीडिंग शुरू हो गई। जब ज्यादा ब्लीडिंग हो गई, तो परिजनों को सूचना देकर बुलाया गया। जब परिजन अस्पताल पहुंचे, तो डॉक्टरों ने मीना को जल्द से जल्द रोहतक पीजीआई ले जाने को कहा। परिजन उसे पीजीआई रोहतक ले गए, जहां महिला की मौत हो गई।
पीजीआई में हुआ दोबारा ऑपरेशन
परिजनों ने बताया कि पीजीआई में डॉक्टरों ने मीना को एडमिट करने से इनकार कर दिया। काफी मशक्कत के बाद उसे भर्ती किया गया। डॉक्टरों ने मीना का दोबारा ऑपरेशन किया। डॉक्टरों ने बताया कि प्राइवेट अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान उसकी पेट की नस कटने से काफी खून पेट में एकत्रित हो चुका है। वहां उसे कई यूनिट ब्लड भी दिया गया। रविवार सुबह ज्यादा हालत बिगड़ने के बाद मीना को मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर की लापरवाही के कारण ही मीना की मौत हुई है।
अस्पताल आकर किया खूब हंगामा
परिजन मीना के शव को प्राइवेट अस्पताल के बाहर एंबुलेंस से लेकर आए। वहां आते ही परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की। पुलिस अधिकारियों ने मृतका के परिजनों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के आधार पर ही उचित कार्रवाई की जाएगी।
अनुभवी डॉक्टर ने किया ऑपरेशन
अस्पताल के संचालक डॉ. देवेंद्र यादव ने कहा कि महिला का ऑपरेशन अनुभवी डॉक्टर ने किया था। उसे ऑपरेशन के दौरान ब्लीडिंग शुरू हो गई थी। तीन-चार यूनिट ब्लड दिया गया था। ऑपरेशन में कोई लापरवाही नहीं बरती गई। हालत नाजुक होने के कारण उसे पीजीआई रेफर किया गया था। उधर, सिटी थाना प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। डॉक्टरों से सलाह के आधार पर मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
