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जींद। पूर्व सैनिक ने जींद डिपो के महाप्रबंधक को शिकायत लिखकर चालक और परिचालक पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी पूर्व सैनिक सुरेश कुमार ने महाप्रबंधक को दी शिकायत में बताया कि वह तथा उनका बेटा एक फरवरी को जींद बस स्टैंड से सुबह पांच बजकर दस मिनट पर बस में बैठे थे और उन्होंने दो टिकट मुंडका की मांगी तो परिचालक ने दिल्ली आईएसबीटी की दो टिकट दे दी। जब बस 8:15 पर बहादुरगढ़ बस स्टैंड पर पहुंची तो दिल्ली जाने से मना कर दिया गया और उन्हें बहादुरगढ़ बस स्टैंड पर ही उतार दिया गया। सुरेश कुमार ने कहा कि अगर बस को दिल्ली नहीं ले जाना था तो टिकट दिल्ली की नहीं देनी चाहिए थी। वो रोहतक से दिल्ली के लिए बस बदल लेते। इस बारे में परिचालक से भी बातचीत की और बताया कि वो जींद से बैठे हैं और उनकी टिकट भी दिल्ली आईएसबीटी की बनी है और उन्हें मुंडका जाना है।
दो घंटे तक खड़े रहे बहादुरगढ़, घुटनों में बढ़ा दर्द
परिचालक ने पूर्व सैनिक को कहा कि आपको दूसरी बस में बैठा दिया जाएगा, लेकिन दो घंटे इंतजार के बावजूद सवा दस बजे तक कोई बस नहीं मिली। मजबूरी में बहादुरगढ़ बस स्टैंड से मेट्रो स्टेशन तक ऑटो में जाना पड़ा और फिर मेट्रो से मुंडका तक जाना पड़ा। मुझे घुटनों के इलाज के लिए जाना था और दिल्ली आईएसबीटी की टिकट होते हुए भी हमें बहादुरगढ़ बस स्टैंड पर ही उतार दिया गया। इस कारण से घुटनों में दर्द होने के बाद भी हमें मेट्रो स्टेशन की सीढ़ियों से चढ़ना और उतरना पड़ा। ऑटो तथा मेट्रो का किराया भी देना पड़ा और परिचालक ने बहादुरगढ़ से दिल्ली का दो टिकटों का किराया भी वापस नहीं किया।
बस को बीच सड़क पर भी रोका
सुरेश कुमार ने बताया कि रोहतक से भी कुछ सवारी दिल्ली के लिए बैठी थी, लेकिन कंडक्टर ने उनको दिल्ली की टिकट नहीं दी। इस पर एक सवारी ने एतराज भी किया कि बस पर बोर्ड दिल्ली का लगा है, फिर दिल्ली की टिकट क्यों नहीं दे रहे। इस कारण से कंडक्टर और सवारी के बीच कहासुनी हो गई और उसी समय ड्राइवर ने बस को रोड के बीच में ही बंद कर दिया था। बहुत ज्यादा कोहरा था और रोड के बीच में बस बंद करना एक्सीडेंट का कारण हो सकता था। बस में बैठे एक बच्चे को परीक्षा देने के लिए दिल्ली से भी आगे जाना था और बस बंद कर देने से उसको देरी हो रही थी। कुछ सवारियों को मेट्रो स्टेशन जाना था, लेकिन ड्राइवर और कंडक्टर ने कहा कि बस मेट्रो स्टेशन नहीं जाएगी। जबकि सुबह-सुबह ट्रैफिक नहीं होती और सवारियों को मेट्रो स्टेशन छोड़ा जा सकता था। चालक और परिचालक की ऐसी मनमानी हरियाणा रोडवेज के बस यात्रियों पर भारी पड़ रही है। सुरेश कुमार ने कहा कि सभी चालक और परिचालक को निर्देश दिए जाएं कि जहां की टिकट बनाई है, वहां तक बस को लेकर जाएं या फिर वहां की टिकट ही न बनाई जाए ताकि यात्री उस बस में बैठे ही नहीं।
