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Fatehabad: पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से शुक्रवार देर रात को फतेहाबाद में आए तेज अंधड़ से 300 से अधिक पेड़, 33 ट्रांसफार्मर व 378 बिजली के खंबे टूटकर जमीन पर आ गिरे। इसके अलावा 11केवी की लाइन टूटने से जिलेभर में बिजली सप्लाई ठप्प होकर रह गई। बिजली की सप्लाई सुचारू करने के लिए निगम के कर्मचारी शनिवार दोपहर तक लगे रहे। हालांकि शहरी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति सुचारू हो गई, लेकिन जिन गांवों व ढाणियों में ट्रांसफार्मर व बिजली के पोल गिरे, वहां शनिवार शाम तक भी बिजली चालू नहीं हो सकी। फतेहाबाद अनाज मण्डी में गेहूं उठान का काम सुस्त होने के कारण लाखों बोरी गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ी है। ऐसे में रात को हुई तेज बरसात के कारण यह सारा गेहूं भी भीग गया।
कई दिन पहले पश्चिमी विक्षोभ के आने की हुई थी भविष्यवाणी
पिछले कई दिनों से मौसम विभाग ने 10 मई को एक नए पश्चिमी विक्षोभ के आने की भविष्यवाणी की हुई थी। इसी पश्चिमी विक्षोभ के चलते शुक्रवार देर रात को जिले में आए तेज तूफान ने भारी तबाही मचाई। देर रात को होर्डिंग्स व हवाओं के शोरगुल से लोग उठ गए। घंटाभर आए तूफान से खेतों में खड़े बिजली के पोल, ट्रांसफार्मर व बिजली की लाइनें टूट कर जमीन पर आ गिरी। इसका सीधा असर बिजली सप्लाई पर पड़ा। जहां-जहां भी पेड़ गिरे, वहां पर निगम ने 33 केवी से लाइन काटकर किसी भी अनहोनी को रोकने का प्रयास किया। खासकर फतेहाबाद, रतिया, कुलां, टोहाना व भूना क्षेत्र में पेड़ व बिजली के पोलों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। भूना में पेड़ टूटने से सड़क पर आ गिरे, जिससे चण्डीगढ़ रोड पर जाम लग गया।
बिजली कर्मचारियों ने रात भर लाइन को ठीक करने का किया प्रयास
बिजली निगम के कर्मचारियों ने शुक्रवार रात तेज अंधड़ के बाद ही मोर्चा संभाल लिया और टूटे खंबों को खड़ा करने का काम शुरू कर दिया। इस कारण शहरी क्षेत्र में तो कुछ घंटों बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई, जबकि जहां ट्रांसफार्मर व लाइनें गिरी, उन गांवों व ढाणियों में ट्रांसफार्मर बदलने का काम शनिवार शाम तक जारी रहा। इस बरसात से किसानों द्वारा की गई नरमा फसल की ताजा बिजाई कुरंड हो गई है। अब किसानों को नरमा की दोबारा बिजाई करनी पड़ेगी, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान होगा। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 12 मई तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा तथा इस दौरान हल्की बरसात की संभावना है।
इन गांवों में ज्यादा टूटे बिजली पोल
तूफान से जिले के गांव हिम्मतपुरा, अमानी, कुलां, दीवाना, ढेर, खाराखेड़ी, खासा पठाना, बनमंदौरी, पीलीमंदौरी, अहलीसदर, जाण्डली, गोरखपुर, चौबारा, अहरवां, अयाल्की, भरपूर, सिंथला, कन्हड़ी, नन्हेड़ी, समैण इत्यादि गांवों में काफी पोल गिरे हैं। तीन गांवों में ट्रांसफार्मर गिरने से करीब 8 घंटे बिजली गुल रही। जिले के गांव खासा पठाना, सिंथला, उकलाना, सनियाना, समैण, ढाणी चाणचक, हमजापुर, सुखमनपुर, करनौली, तामसपुरा, ढिंगसरा, बनगांव, दैयड़, रामसरा, मेहूवाला इत्यादि गांवों में तूफान से पेड़ गिरने की काफी घटनाएं सामने आई हैं। अनेक गांवों में सड़क किनारे लगे पेड़ टूटकर सड़क पर जा गिरे और ट्रेफिक ठप्प हो गया। बाद में इन पेड़ों को बुलडोजर की सहायता से सड़कों से हटाकर यातायात बहाल किया गया। तेज अंधड़ से जिले में 300 से ज्यादा पेड़ गिर गए।
