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Sakshi Malik: हरियाणा की महिला पहलवान साक्षी मलिक ने बृजभूषण, महिला पहलवान और उनके हालातों को लेकर 'विटनेस' नाम की एक किताब लिखी है। इसको लेकर हंगामा शुरू हो गया है।

Sakshi Malik: कुश्ती पहलवान और ओलंपियन साक्षी मलिक की लिखी एक किताब 'विटनेस' को लेकर इन दिनों घमासान देखने को मिल रहा है। साक्षी ने अपनी इस किताब में महिला पहलवानों, उनकी स्थिति और बृजभूषण को लेकर कई दावे किए हैं। इस किताब के बारे में मीडिया में भी कई खबरें चल रही हैं, जिसको लेकर साक्षी ने नाराजगी जताई है। 

पहलवानों को किया जा रहा बदनाम

उन्होंने किताब में लिखी बातों के बारे में छापी जा रही गलत खबरों पर नाराजगी जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर एक ट्वीट किया। इसमें उन्होंने लिखा- मैंने अपनी नई किताब की जानकारी देने के लिए मीडिया से बातचीत की। ऐसा मैंने इसलिए किया क्योंकि मुझे लगता है कि लोकतंत्र में मीडिया एक एम्प्लिफायर का काम करता है। मैं आज सुबह से जो भी खबरें देख रही हूं, खबरों में मेरी किताब में लिखे महिलाओं के मुद्दे को एम्प्लिफाई नहीं किया गया। महिलाओं के मुद्दों को गायब कर दिया गया और पहलवानों को ही बदनाम किया जा रहा है। 

मसाले के भूखे लोग हैं, खबरों में बस मसाला चाहते हैं

किसी भी खबर में बृजभूषण द्वारा की गई काली-करतूतों का जिक्र नहीं है और ना ही किसी महिला पहलवान के संघर्ष का। मेरी बातों को आउट ऑफ कॉन्टेक्स्ट छापा जा रहा है। मैंने अपनी किताब में जो लिखा है, उस बात का तो कहीं जिक्र ही नहीं किया गया, बल्कि जो मेरी किताब में नहीं लिखा गया है, उन बातों को मेरी किताब के हवाले से छापा जा रहा है। कई बार मुझे ऐसा लगता है कि हम लोग मसाले के भूखे लोग हैं, खबरों में बस मसाला चाहते हैं, चाहे भले ही उस मसाले से किसी अच्छे मकसद को कितना ही नुकसान हो जाए।

किताब के तथ्यों के साथ न करें खिलवाड़ 

उन्होंने लिखा कि किताबों में जो तथ्य हैं, उनका खिलवाड़ न बनाएं और न ही पहलवानों के खिलाफ नैरेटिव बनाएं। किसी चीज को एम्प्लिफाय करने से अच्छा है कि चुप्पी साध ला जाए। इस पोस्ट में उन्होंने एक सवाल उठाते हुए लिखा "संवेदनशील मुद्दे को साजिश की थ्योरी में बदल देना कहां तक जायज है?"

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