सर छोटूराम धाम और जाट सेवा संघ ट्रस्ट का विवाद गहराता जा रहा है और इस  दौरान चेयरमैन पद को लेकर काफी खींचतान भी देखने को मिल रही है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आक्रोश ज़ाहिर करते नज़र आ रहे हैं।

रोहतक के जसिया स्थित सर छोटूराम धाम  को लेकर काफी घमासान देखने को मिल रहा है। बढ़ते विवाद के कारण ट्रस्टी रोहतास हुड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्व चेयरमैन रणधीर सिंह और उनके सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हुड्डा का कहना है कि रणधीर सिंह ट्रस्ट पर अवैध रूप से कब्जा करना चाहते हैं और समाज के पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है।

करोड़ों के हिसाब पर उठे सवाल
रोहतास हुड्डा के अनुसार, 2016 के जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान करीब 2 करोड़ रुपये एकत्रित हुए थे। इसमें से केवल 40 लाख रुपये ट्रस्ट में जमा हुए, जबकि शेष 1 करोड़ 60 लाख रुपये अशोक बल्हारा और कृष्ण हुड्डा को शहीदों के परिवारों और जेल में बंद युवाओं की मदद के लिए दिए गए थे। आरोप है कि न तो युवाओं की मदद की गई और न ही इस राशि का कोई हिसाब दिया जा रहा है।

चेयरमैन पद को लेकर खींचतान
हुड्डा ने स्पष्ट किया कि 23 में से 19 ट्रस्टियों ने बहुमत के साथ रणधीर सिंह की जगह गंगाराम श्योराण को नया चेयरमैन नियुक्त किया है। बावजूद इसके, रणधीर सिंह पद छोड़ने को तैयार नहीं हैं और नए चेयरमैन को कार्यभार संभालने से रोका जा रहा है।

अवैध पंचायत और कब्जे की कोशिश
ट्रस्टी ने आरोप लगाया कि 7 मार्च को बुलाई गई खाप पंचायत पूरी तरह अवैध थी, जहाँ केवल एकपक्षीय बातें सुनी गईं। उन्होंने हुड्डा खाप के प्रधान ओमप्रकाश हुड्डा और रणधीर सिंह पर मिली भगत का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों के दम पर ट्रस्ट को हथियाने की कोशिश की जा रही है।

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