इस मामले में सरकारी फंड के प्रबंधन में नियमों की अनदेखी की गई और बड़ी राशि का दुरुपयोग हुआ। 

हरियाणा सरकार ने कोटक महिंद्रा बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के खिलाफ एक अभूतपूर्व कदम उठाया है। पंचकूला नगर निगम के 160 करोड़ रुपए के फिक्स्ड डिपॉजिट में हुई कथित धोखाधड़ी के मामले में हरियाणा पुलिस ने पंचकूला और पानीपत स्थित बैंक की शाखाओं को अपने घेरे में ले लिया है।

पुलिस की गई तैनाती, किया शटर बंद
सोमवार सुबह जब बैंक कर्मचारी ड्यूटी पर पहुंचे, तो उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया। पंचकूला और पानीपत की शाखाओं के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है।पुलिस ने बैंक के शटर खोलने की अनुमति नहीं दी है।बैंक का पूरा स्टाफ शाखाओं के बाहर खड़ा है और बैंकिंग कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है।

₹160 करोड़ की धोखाधड़ी विवाद की असली जड़
यह पूरा मामला पंचकूला नगर निगम के फंड से जुड़ा है। आरोप है कि नगर निगम के करोड़ों रुपए के फिक्स्ड डिपॉजिट में करीब 160 करोड़ रुपए का गबन किया गया है।कोटक महिंद्रा बैंक पर आरोप है कि सरकारी फंड के प्रबंधन में नियमों की अनदेखी की गई और बड़ी राशि का दुरुपयोग हुआ। सूत्रों के मुताबिक, हरियाणा पुलिस इस मामले की जांच लंबे समय से कर रही है। पुलिस का दावा है कि बैंक प्रबंधन जांच में सहयोग नहीं कर रहा था और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा रहा था, जिसके चलते यह सख्त कदम उठाना पड़ा।

नगर निगम का पक्ष
पंचकूला नगर निगम का कहना है कि यह जनता का पैसा है और बैंक की लापरवाही या मिलीभगत के कारण इतनी बड़ी राशि के साथ खिलवाड़ हुआ है। निगम ने इस मामले में पहले ही एफआईआर दर्ज कराई थी।

बैंक जांच में सहयोग नहीं
पुलिस का कहना है कि जब तक बैंक जांच में पूरी तरह सहयोग नहीं करता और संबंधित रिकॉर्ड पुलिस को नहीं सौंपता, तब तक इन शाखाओं पर कार्रवाई जारी रह सकती है। उच्च अधिकारी मामले की निगरानी कर रहे हैं और जल्द ही इस पर विस्तृत आधिकारिक बयान जारी किया जा सकता है।

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