Karnal PF-ESI scam: हरियाणा के करनाल जिले से एक बड़ा आर्थिक अपराध का मामला सामने आया है। उचानी स्थित पशुपालन विश्वविद्यालय (लुवास) की एक यूनिट में आउटसोर्सिंग पर तैनात 23 कर्मचारियों के भविष्य निधि (PF) और ईएसआई (ESI) अंशदान में गबन का खुलासा हुआ है। आरोप है कि ठेकेदार फर्म ने कर्मचारियों की सैलरी से पैसे तो काटे, लेकिन उन्हें विभाग में जमा करने के बजाय जाली दस्तावेजों के जरिए यूनिवर्सिटी प्रशासन को गुमराह किया।
उचानी यूनिट ने दी पुलिस को शिकायत
हिसार के लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के तहत आने वाले उचानी (करनाल) यूनिट ने पुलिस को शिकायत दी है। इसके अनुसार, मैसर्स लवण्या एंटरप्राइजेज (हिसार) को साल 2018 से 2021 तक यूनिवर्सिटी में मैनपावर उपलब्ध कराने का ठेका दिया गया था। अनुबंध के मुताबिक, फर्म को कर्मचारियों की सैलरी से पीएफ और ईएसआई काटकर संबंधित विभागों में जमा करना था। फर्म ने यूनिवर्सिटी को हर महीने बिल के साथ यह हलफनामा भी दिया कि उसने राशि जमा कर दी है।
फर्जी चालान से खुला राज
जब कर्मचारियों ने अपने पीएफ रिकॉर्ड की जांच की, तो गड़बड़ी का पता चला। यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा कराई गई जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि फर्म द्वारा जमा किए गए चालान जाली और फर्जी थे। फर्म ने केवल कुछ ही महीनों का पैसा जमा किया था, जबकि बाकी समय की भारी राशि का गबन कर लिया गया।
फर्म की बैंक गारंटी हुई जब्त
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फर्म की बैंक गारंटी जब्त कर ली है। फर्म को कई बार नोटिस भेजे गए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अंततः रीजनल डायरेक्टर डॉ. अनीता गांगुली की शिकायत पर करनाल के थाना सदर में लवण्या एंटरप्राइजेज के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और अमानत में खयानत (IPC की संबंधित धाराओं) के तहत केस दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी तरसेम चंद ने बताया कि सब-इंस्पेक्टर जसविंद्र को मामले की जांच सौंपी गई है। यूनिवर्सिटी ने पुलिस को बिलों की कॉपी, फर्जी चालान और कर्मचारियों की सूची समेत सभी पुख्ता सबूत सौंप दिए हैं।
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