A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: Undefined variable $summary

Filename: widgets/story.php

Line Number: 3

Backtrace:

File: /content/websites/front-hbm/application/views/themes/mobile/widgets/story.php
Line: 3
Function: _error_handler

File: /content/websites/front-hbm/application/views/themes/amp/story.php
Line: 39
Function: view

File: /content/websites/front-hbm/application/libraries/Sukant.php
Line: 507
Function: view

File: /content/websites/front-hbm/application/libraries/Sukant.php
Line: 341
Function: loadAmpTheme

File: /content/websites/front-hbm/application/controllers/Content.php
Line: 303
Function: contentStorypageAmp

File: /content/websites/front-hbm/index.php
Line: 319
Function: require_once

Narnaul: बरसात का सीजन बेशक अभी शुरू नहीं हुआ है, लेकिन मच्छरों ने पूरा आतंक मचा रखा है। भीषण गर्मी के साथ-साथ मच्छरों ने लोगों का बुरा हाल कर रखा है। इसी वजह से मलेरिया विभाग ने जिले में घर-घर मच्छर का लारवा सर्वे अभियान चला रहा है। पहली जनवरी से अब तक चलाए गए सर्वे में 32 घरों में मच्छरों का लारवा मिलने पर उन्हें नोटिस जारी किया गया है। हालांकि गनीमत यह है कि अब तक जिले में मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया का कोई केस सामने नहीं आया है।

गत वर्ष डेंगू के मिले थे 44 केस

ज्ञात रहे कि पिछले साल जिले में मलेरिया के तीन तथा डेंगू के 44 पॉजिटिव केस सामने आए थे। हर साल पॉजिटिव मिलते रहे केसों के मद्देनजर ही जिला मलेरिया विभाग ने सिविल सर्जन डॉ. रमेश चंद्र आर्य एवं जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. मनीष यादव के मार्ग-दर्शन में घर-घर सर्वे अभियान चला रखा है। सर्वे के लिए जिले में 152 टीमों को फील्ड में उतारा गया है, जिन्होंने जनवरी से अब तक जिले में 842360 घरों को चेक किया है। इन घरों को चेक करने पर 32 घरों में मच्छर का लारवा मिला है, जिस पर उन्हें स्वास्थ्य विभाग की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं।

रक्त की पट्टिकाएं भी की जा रही तैयार

सर्वे कार्य में जुटी टीमें घर-घर जाकर वहां रह रहे बुखार के मरीजों का डाटा भी जुटा रही हैं। साथ ही उनकी रक्त पट्टिकाएं भी तैयार कर रही हैं। अब जिले में 42 हजार 40 लोगों की रक्त पट्टिकाएं तैयार की गई और उनकी खून की जांच की गई, लेकिन यह बात दीगर है कि इन सभी रक्त पट्टिकाओं में कोई भी केस मलेरिया, डेंगू अथवा चिकनगुनिया पॉजिटिव नहीं मिला है। इन सभी को बुखार का उपचार प्रदान कर उन्हें राहत पहुंचाई गई है। लक्षणों के आधार पर जिले में 71 सैंपल डेंगू संदिग्धों के भी सैंपल लिए गए, लेकिन उनमें डेंगू नहीं पाया गया।

मलेरिया फैलने के कारण एवं लक्षण

मलेरिया बुखार एनाफ्लीज मच्छर के काटने से फैलता है। जब एक मच्छर मलेरिया रोगी को काट लेता है और वही मच्छर दूसरे व्यक्ति को काट लेता है तो वह भी मलेरिया की जकड़ में आ जाता है। मलेरिया के लक्षणों में बुखार और पसीना आना, ठंड लगना, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द, थकान, सीने में दर्द, सांस लेने में दिक्कत और खांसी, दस्त, मतली और उल्टी होना आम बात है।

डेंगू बुखार के कारण एवं लक्षण

डेंगू व चिकनगुनिया फैलाने वाला ऐडीज मच्छर अक्सर दिन के समय खासकर भोर के समय काटता है। डेंगू बुखार के लक्षणों में अचानक तेज बुखार, गंभीर सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, गंभीर जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, थकान, जी मिचलाना, उल्टी आना, दस्त होना, त्वचा पर लाल चकत्ते बनना एवं रक्तस्राव होना आदि हैं।

बुखार होने पर क्या करें

जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. मनीष यादव ने बताया कि मलेरिया एवं डेंगू दोनों ही बुखार मच्छरों के काटने से होते हैं। इसलिए मच्छरों से बचाव करें। मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें। अपने आसपास पानी न भरने दें और मच्छर का लारवा नहीं बनने दें। पानी भरने वाले बर्तनों, परिंडों व सिकौरों आदि का पानी दो-तीन दिन में बदलते रहें। बुखार होने पर रक्त की जांच करवाएं और पॉजिटिव मिलने पर घबराएं नहीं तथा प्रशिक्षित चिकित्सक से उपचार करवाएं।