प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता मनसा देवी मंदिर में VIP कल्चर पर हरियाणवी गायक रॉकी मित्तल ने सरकार और पुलिस प्रशासन तीखा हमला किया। उन्होंने बताया कि 100 रुपए की रसीद लेने के बाद भी उन्हें लाइन में लगने को कहा गया इसके साथ ही हथियार लेकर मंदिर में प्रवेश पर आपत्ति जताई।

VIP culture Mansa Devi Temple: प्रसिद्ध हरियाणवी गायक रॉकी मित्तल एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने पंचकूला स्थित उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता मनसा देवी मंदिर की व्यवस्थाओं और वहां व्याप्त VIP कल्चर पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। रॉकी मित्तल ने मंदिर परिसर के भीतर से दो वीडियो लाइव किए, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।

गुरुद्वारों और मस्जिदों में नहीं होता फीस या VIP कल्चर 
मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे रॉकी मित्तल उस समय भड़क गए जब उन्होंने दर्शन के लिए अलग-अलग फीस के काउंटर देखे। काउंटर पर मौजूद कर्मचारी ने जब बताया कि सीधे दर्शन के लिए 100 रुपए और मंडप पूजा के लिए 500 रुपए की पर्ची कटती है, तो मित्तल ने तंज कसते हुए पूछा- "माता से बात करवाने के कितने रुपए लोगे? मैं एक लाख देने को तैयार हूँ, बात करवा दो।" उन्होंने गुरुद्वारों और मस्जिदों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां दर्शन के लिए ऐसी कोई फीस या VIP कल्चर नहीं होता।

पुलिस व्यवस्था पर उठाए सवाल
रॉकी मित्तल ने आरोप लगाया कि 100 रुपए की रसीद लेने के बावजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें लाइन में लगने को कहा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या रसीद सिर्फ लिफ्ट के लिए थी? वीडियो में उन्होंने यह भी दिखाया कि कैसे पुलिसकर्मी अपने परिचितों को बिना रसीद और बिना लाइन के सीधे दर्शन करवा रहे हैं। मित्तल ने कहा— "क्या कभी मंत्रियों और बड़े अफसरों की भी रसीद काटी जाती है?"

हथियार लेकर मंदिर में प्रवेश पर जाताई आपत्ति
विवाद उस समय और बढ़ गया जब रॉकी मित्तल ने पंजाब पुलिस के जवानों को मंदिर परिसर के भीतर हथियारों के साथ देखा। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों से बहस करते हुए पूछा कि मंदिर के भीतर हथियार लाने की अनुमति कैसे दी गई, जबकि नियम के मुताबिक हथियार बाहर जमा होने चाहिए।

प्रशासन तक पहुँचा मामला
रॉकी मित्तल ने इस पूरी अव्यवस्था की शिकायत हरियाणा के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल और पुलिस कमिश्नर सिबास कविराज से की है। मंत्री विपुल गोयल ने इस मामले में पंचकूला प्रशासन के साथ बैठक करने का आश्वासन दिया है। कमिश्नर ने एक दिन के भीतर व्यवस्थाओं में सुधार करने की बात कही है। मित्तल ने भावुक होते हुए कहा कि अगर यही हाल किसी और सरकार में होता तो अब तक कई संगठन विरोध में उतर आते, लेकिन आज कोई 'सनातनी' इस लूट पर नहीं बोल रहा है।

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