करनाल में नेपाल मूल की रहने वाली स्वरा वर्मा का फर्श से अर्श तक का सफर काफी चुनौतीपूर्ण रहा और आर्थिक तंगी के कारण उनको पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी। लोगों के ताने भी  झेलने पड़े कि "तुमसे हरियाणवी नहीं होगी", तो कभी 1000-1500 में भी गाने रिकॉर्ड किये।

Karnal: हौसले बुलंद हों तो गरीबी और अभाव भी रास्ता नहीं रोक सकते। इसे सच कर दिखाया है करनाल के असंध में रहने वाली स्वरा वर्मा ने। स्वरा का हरियाणवी गाना 'शीशा' इस समय देश के सबसे प्रतिष्ठित म्यूजिक प्लेटफॉर्म 'बिलबोर्ड इंडिया' पर दूसरे स्थान पर ट्रेंड कर रहा है। नेपाल से हरियाणा तक और किटी पार्टियों से बिलबोर्ड तक का यह सफर बेहद भावुक और प्रेरणादायक है।

आर्थिक तंगी से जूझ रहा था परिवार
स्वरा का परिवार मूल रूप से काठमांडू, नेपाल का रहने वाला है, जो बाद में करनाल के असंध में बस गया। घर की आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि स्वरा को अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी। मां दूसरों के घरों में खाना बनाती थीं और पिता भी कुकिंग का काम करते थे। स्वरा बताती हैं कि जब उन्हें पहली बार रिकॉर्डिंग के लिए स्टूडियो जाना था, तो उनके पास किराए के पैसे भी नहीं थे। उन्होंने अपनी मां से 200 रुपये उधार मांगे थे, और वही पैसे आज उनके करियर की सबसे बड़ी नींव बन गए।

पार्टियों में महज 1000-1500 मे गाया गाना
नेपाली मूल की होने के कारण स्वरा के लिए हरियाणवी बोलना एक बड़ी चुनौती थी। लोगों ने तंज कसे कि "तुमसे हरियाणवी नहीं होगी", लेकिन स्वरा ने इसे चुनौती के रूप में लिया। उन्होंने दिन-रात मेहनत कर भाषा सीखी। शुरुआत में वह क्लबों और छोटी पार्टियों में महज 1000-1500 रुपये के लिए गाती थीं और एक-एक दिन में 15-20 गाने रिकॉर्ड करती थीं।

कैसे मिला 'शीशा' को ग्लोबल मंच?
'शीशा' गाने को करनाल के ही मीता रोड ने लिखा है, जो वर्तमान में अमेरिका में रहते हैं। 2025 में शुरू हुआ यह सफर 2026 में तब बड़ा बन गया जब सोनी म्यूजिक इंडिया ने इसका वीडियो रिलीज किया। इंटरनेशनल बीट्स और स्वरा की आवाज के जादू ने इसे सीधा बिलबोर्ड चार्ट पर पहुंचा दिया। फिलहाल बिलबोर्ड पर पहले नंबर पर हरियाणा के ही भिवानी के भाइयों का गाना 'बैरण' है, जबकि स्वरा का 'शीशा' दूसरे नंबर पर कब्जा जमाए हुए है।

मासूम शर्मा ने 'ठेकेदार का ब्याह' से  दिया ब्रेक
स्वरा के करियर में टर्निंग पॉइंट तब आया जब साल 2023 में मशहूर कलाकार मासूम शर्मा ने उन्हें 'ठेकेदार का ब्याह' गाने के लिए ब्रेक दिया। इसके बाद उन्होंने 'लोफर', 'चंबल के डाकू' और 'वार्निंग' जैसे कई हिट गाने दिए। आज स्वरा का पूरा परिवार उनके साथ खड़ा है और उनका अगला लक्ष्य बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाना है।

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