धर्मनगरी में पहली बार राज्य स्तरीय बैसाखी महोत्सव का शुभारंभ मुख्यमंत्री ने किया। महोत्सव में खेल और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कुश्ती दंगल, सर्कल कबड्डी और दस्तारबंदी जैसी प्रतियोगिताएं की जा रही हैं।

धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में पहली बार राज्य स्तरीय 'बैसाखी महोत्सव' की धूम देखने को मिल रही है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस उत्सव का औपचारिक उद्घाटन किया। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री का एक अलग अंदाज नजर आया, जब उन्होंने विशेष रूप से तैयार की गई 6 फीट लंबी रंग-बिरंगी पतंग उड़ाकर आसमान में उत्सव के रंग भर दिए। उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई विभिन्न प्रदर्शनियों और स्टॉल्स का बारीकी से निरीक्षण भी किया। 

आसमान में दिखेगा 500 ड्रोन का अद्भुत संगम 
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (KDB) के मेला ग्राउंड में आयोजित इस महोत्सव में तकनीक और परंपरा का अनूठा मेल देखने को मिलेगा। इस आयोजन का मुख्य आकर्षण 500 ड्रोन्स का एक शानदार शो होगा, जो कुरुक्षेत्र के आकाश को रोशन कर देगा। इसके साथ ही 'पतंगबाजी उत्सव' के तहत रंगीन पतंगें एक साथ हवा से बातें करती नजर आएंगी। मुख्यमंत्री ने खुद भी पारंपरिक तरीके से पतंगबाजी का लुत्फ उठाकर स्थानीय लोगों का उत्साह बढ़ाया।

खेलों और हुनर पर होगी 38 लाख रुपये की बरसात 
यह महोत्सव केवल सांस्कृतिक प्रस्तुतियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां खेल और कौशल का भी बड़ा संगम देखने को मिल रहा है। आयोजन के दौरान कुश्ती दंगल, सर्कल कबड्डी, गतका (पारंपरिक युद्ध कला), हरियाणवी पगड़ी बांधने और दस्तारबंदी जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं के लिए प्रशासन ने 38 लाख रुपये से अधिक की इनामी राशि सुरक्षित रखी है। अकेले कुश्ती दंगल में ही लगभग 200 मुकाबले होने की उम्मीद है, जहां पहलवान अपना दम-खम दिखाएंगे।

शाम को सुरों से सजेगी महफिल 
बैसाखी की शाम को यादगार बनाने के लिए संगीत जगत के दिग्गज कुरुक्षेत्र पहुंच रहे हैं। कार्यक्रम के पहले दिन प्रसिद्ध सूफी और पंजाबी गायक लखविंद्र वडाली मुख्य मंच पर अपनी आवाज का जादू बिखेरेंगे। वहीं, अगले दिन मशहूर गायक कुलविंद्र बिल्ला अपनी गायकी से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे।

खेती और विरासत की झलक 
महोत्सव का एक खास हिस्सा किसानों को समर्पित है। यहां एक विशेष प्रदर्शनी लगाई गई है, जिसमें गेहूं की कटाई से लेकर दाना निकालने तक की पूरी पारंपरिक प्रक्रिया को जीवंत रूप में दिखाया गया है। यह प्रदर्शनी नई पीढ़ी को अपनी कृषि संस्कृति और विरासत से जोड़ने का प्रयास है। इस दो दिवसीय उत्सव के समापन समारोह में भी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शिरकत करेंगे और विजेताओं को सम्मानित करेंगे। 

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