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भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने नगर निगम के करोड़ों रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट मामले में वित्तीय धांधली पर बड़ी कार्रवाई की है। बैंक में करीब 145 करोड़ रुपये की 16 एफडीआर जमा कराई थीं, जिनकी मैच्योरिटी राशि 158 करोड़ रुपये होनी चाहिए थी।

हरियाणा में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चल रही मुहिम के तहत राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SVACB) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। ब्यूरो ने पंचकूला नगर निगम के करोड़ों रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट (FDR) में हुई भारी अनियमितताओं के मामले में कोटक महिंद्रा बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर दिलीप कुमार राघव को हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई पंचकूला एसीबी थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 0005 के आधार पर की गई है।

करोड़ों के सरकारी फंड में बड़ी सेंधमारी 
इस पूरे प्रकरण की जड़ें कोटक महिंद्रा बैंक की सेक्टर-11 शाखा से जुड़ी हैं। जांच में सामने आया कि नगर निगम पंचकूला ने बैंक में लगभग 145 करोड़ रुपये की 16 एफडीआर जमा कराई थीं। ब्याज समेत इन जमा राशियों की मैच्योरिटी वैल्यू करीब 158 करोड़ रुपये होनी चाहिए थी। हालांकि, जब सतर्कता ब्यूरो ने बैंक और नगर निगम के दस्तावेजों का मिलान किया, तो आंकड़ों में जमीन-आसमान का अंतर मिला। बैंक खातों में मौजूद वास्तविक राशि, रिकॉर्ड में दिखाई गई राशि से काफी कम पाई गई है। 

फर्जी बैंक खातों का मायाजाल 
जांच के दौरान एक चौंकाने वाला तथ्य यह भी सामने आया कि बैंक में कुछ ऐसे अतिरिक्त खाते संचालित किए जा रहे थे, जिनका विवरण नगर निगम के आधिकारिक दस्तावेजों में कहीं दर्ज ही नहीं था। इन गुप्त खातों का मिलना सीधे तौर पर सोची-समझी साजिश और वित्तीय गबन की ओर इशारा करता है। शुरुआती जांच के अनुसार गिरफ्तार आरोपी दिलीप कुमार राघव ने मुख्य साजिशकर्ताओं के साथ मिलकर निगम को गुमराह करने के लिए एफडीआर से संबंधित फर्जी और भ्रामक रिपोर्ट तैयार की थीं। 

कड़ी धाराओं के तहत कानूनी शिकंजा 
भ्रष्टाचार के इस गंभीर मामले में केवल बैंक कर्मचारी ही नहीं, बल्कि कई अन्य अज्ञात अधिकारियों और कर्मियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। सतर्कता ब्यूरो ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। ब्यूरो अब उन कड़ियों को जोड़ने में जुटा है जिनसे यह पता चल सके कि इस गबन का पैसा कहां-कहां ठिकाने लगाया गया।

भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति 
राज्य सतर्कता ब्यूरो के प्रमुख ने इस कार्रवाई के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी खजाने के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ब्यूरो ने साफ किया है कि चाहे आरोपी किसी भी रसूखदार पद पर क्यों न हो, भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, आरोपी से पूछताछ जारी है और इस मामले में आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं। 

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