A PHP Error was encountered
Severity: Warning
Message: Undefined variable $summary
Filename: widgets/story.php
Line Number: 3
Backtrace:
File: /content/websites/front-hbm/application/views/themes/mobile/widgets/story.php
Line: 3
Function: _error_handler
File: /content/websites/front-hbm/application/views/themes/amp/story.php
Line: 39
Function: view
File: /content/websites/front-hbm/application/libraries/Sukant.php
Line: 507
Function: view
File: /content/websites/front-hbm/application/libraries/Sukant.php
Line: 341
Function: loadAmpTheme
File: /content/websites/front-hbm/application/controllers/Content.php
Line: 303
Function: contentStorypageAmp
File: /content/websites/front-hbm/index.php
Line: 319
Function: require_once
Nuh: दिल्ली - मुंबई एक्सप्रेस-वे पर तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला। जयपुर से दिल्ली की तरफ आ रही एक गाड़ी तेज रफ्तार के कारण अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जाकर टकरा गई। हादसे में क्षतिग्रस्त हुई गाड़ी में पांच लोग सवार थे, जिनमें से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने हादसे की सूचना पुलिस को दी। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया, जबकि शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद हायर सेंटर दिल्ली रेफर किया गया।
जयपुर से गुरुग्राम जा रहे थे युवक
जानकारी अनुसार दिल्ली - मुंबई एक्सप्रेस वे पर कुछ लोग जयपुर से गुरुग्राम की तरफ जा रहे थे। जैसे ही उनकी गाड़ी नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका थाना क्षेत्र अंतर्गत सायमिरबास गांव के पास पहुंची तो अनियंत्रित होकर गाड़ी डिवाइडर से जा टकराई। जिससे गाड़ी के परख्च्चे उड़ गए और उसमें सवार रोहित गुप्ता निवासी जयपुर व दूसरा विकास कुमार निवासी दिल्ली की मौत हो गई। पुलिस ने दोनों मृतकों का पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिए। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल। जांच अधिकारी ने कहा कि दोनों शवों को कब्जे में लेकर सामान्य अस्पताल मांडीखेड़ा से पोस्टमार्टम करा कर परिजनों के हवाले कर दिया गया है। जो तीन लोग इस हादसे में घायल हुए थे, उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है, जहां पर उनका उपचार चल रहा है।
एक्सप्रेस वे पर हो चुके कई हादसे
आपको बता दें कि यह कोई पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी इस एक्सप्रेस वे पर कई बड़े हादसे हो चुके हैं। हादसा देर रात करीब 9 बजे का बताया जा रहा है, जिसके बाद आसपास के गांव के लोग घटनास्थल पर पहुंच गए और उन्होंने घायलों को गाड़ी से बाहर निकालकर अस्पताल भिजवाने में मदद की। पुलिस को भी इस मामले में सूचना दी गई। एनएचएआई के कर्मचारियों ने भी घायलों को अस्पताल पहुंचाने में अपनी अहम भूमिका अदा की। कुल मिलाकर दिल्ली - मुंबई एक्सप्रेस वे हादसों का गढ़ बनता जा रहा है। खास बात यह है कि इन हादसों को रोकने के लिए सिस्टम गंभीर दिखाई नहीं दे रहा।
