साइबर सिटी गुरुग्राम के बजघेड़ा में कृषि भूमि का रेट अब 7.53 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच सकता है। वहीं, हिसार के अग्रोहा को महानगर विकास प्राधिकरण में शामिल करने के बाद वहां भी 75% की वृद्धि प्रस्तावित है।

हरियाणा सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों के लिए वर्ष 2026-27 के नए कलेक्टर रेट (सर्किल रेट) का प्रस्ताव सार्वजनिक कर दिया है। विकास की रफ्तार और बढ़ती मांग को देखते हुए इस बार सर्किल रेट में भारी उछाल देखा जा रहा है। विशेष रूप से गुरुग्राम, हिसार, पंचकूला और फरीदाबाद जैसे प्रमुख शहरों में रेजिडेंशियल, कमर्शियल और कृषि भूमि की कीमतों में 75 प्रतिशत तक की वृद्धि प्रस्तावित की गई है।

प्रशासन ने इन नई दरों को सभी जिलों की आधिकारिक वेबसाइटों पर अपलोड कर दिया है ताकि आम जनता इन्हें देख सके। सरकार ने इस संबंध में नागरिकों से सुझाव और आपत्तियां भी आमंत्रित की हैं।

30 मार्च तक दर्ज करा सकते हैं आपत्ति 
नए कलेक्टर रेट के प्रस्ताव पर आम जनता की राय जानने के लिए सरकार ने समय सीमा निर्धारित की है। यदि किसी नागरिक को इन बढ़ी हुई दरों पर कोई आपत्ति है या वे कोई सुझाव देना चाहते हैं, तो वे 30 मार्च 2026 की शाम 4:30 बजे तक संबंधित तहसील कार्यालय या जिला मुख्यालय में अपनी बात रख सकते हैं। प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर गहन विचार-विमर्श करने के बाद ही नई दरें आधिकारिक रूप से 1 अप्रैल 2026 से लागू की जाएंगी। 

द्वारका एक्सप्रेस-वे के पास बजघेड़ा सबसे महंगा 
साइबर सिटी गुरुग्राम में जमीन की कीमतों ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सबसे अधिक इजाफा द्वारका एक्सप्रेस-वे के साथ सटे बजघेड़ा गांव में देखा गया है।

कृषि भूमि: यहां खेती योग्य भूमि और कमर्शियल संपत्तियों के रेट में 75% की वृद्धि प्रस्तावित है। नया रेट लागू होने के बाद यहां एक एकड़ कृषि भूमि की कीमत 7 करोड़ 53 लाख 25 हजार रुपये हो जाएगी, जो वर्तमान में 4.30 करोड़ रुपये है।

आवासीय क्षेत्र: हिदायतपुर में रिहायशी जमीन का भाव 27,500 रुपये से बढ़कर 48,125 रुपये प्रति गज होने की संभावना है।

इसके अलावा शाहपुर, सुखराली, गोपाल नगर और सदर बाजार जैसे इलाकों में भी कमर्शियल प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री महंगी हो जाएगी, जिससे व्यापारियों पर स्टांप ड्यूटी का बोझ बढ़ेगा।

अग्रोहा बना नया हॉटस्पॉट
हिसार जिले में भी जमीनों के दाम आसमान छूने वाले हैं। अग्रोहा को 'हिसार महानगर विकास प्राधिकरण' में शामिल किए जाने के बाद यहां के कलेक्टर रेट में 75% की वृद्धि का प्रस्ताव है।
ग्रामीण और पॉश इलाके: आर्यनगर और अलीपुर क्षेत्रों में भी इसी तर्ज पर बढ़ोतरी की गई है।
पॉश सेक्टर्स: हिसार के सेक्टर 13 और 14P जैसे प्रीमियम इलाकों में रिहायशी जमीन के दाम 56,925 रुपये प्रति वर्ग गज तक पहुंच सकते हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि शहर के मुख्य बाजारों जैसे राजगुरु मार्केट और नागोरी गेट के रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है, इन्हें स्थिर रखा गया है।

पंचकूला और फरीदाबाद का हाल 
हरियाणा की राजधानी से सटे पंचकूला और औद्योगिक शहर फरीदाबाद में भी रियल एस्टेट के दाम बढ़ने तय हैं।
पंचकूला: सेक्टर 19, 27, 28 और एडीसी सेक्टर 4, 5, 6 में रिहायशी जमीनों पर 75% की बढ़ोतरी प्रस्तावित है। इसके साथ ही कई कमर्शियल बूथों की दरों में भी 60% का इजाफा किया गया है।
फरीदाबाद: ग्रेटर फरीदाबाद के नीमका और फरीदपुर जैसे क्षेत्रों में जमीन 18 हजार से बढ़कर 31,500 रुपये प्रति गज हो सकती है।
सबसे महंगा सेक्टर: फरीदाबाद का सेक्टर-16 शहर का सबसे महंगा कमर्शियल जोन बनने जा रहा है। यहां की पुरानी दर 1.21 लाख रुपये से बढ़ाकर सीधे 2.11 लाख रुपये प्रति वर्ग गज करने की तैयारी है।

रेवाड़ी: ब्रॉस मार्केट और सर्कुलर रोड की चमक बढ़ी
रेवाड़ी जिले में भी प्रशासन ने सर्किल रेट में संशोधन किया है। यहां सेक्टर-4 में प्रति गज करीब 4 हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है। जिले का ब्रॉस मार्केट सबसे महंगा कमर्शियल एरिया बना हुआ है, जबकि रिहायशी इलाकों में झज्जर रोड पर स्थित कॉलोनियों के रेट सबसे ऊंचे प्रस्तावित किए गए हैं। पुराने शहर के कुछ चुनिंदा बाजारों को छोड़कर लगभग सभी क्षेत्रों में वृद्धि देखी गई है।

इसलिए बढ़ रहे हैं दाम 
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार सर्किल रेट बढ़ाने के पीछे मुख्य कारण इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास, नए एक्सप्रेस-वे का निर्माण और बाजार में जमीन की बढ़ती वास्तविक कीमतें हैं। कलेक्टर रेट और मार्केट रेट के बीच के अंतर को कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है। इससे सरकार के राजस्व (स्टांप ड्यूटी) में भारी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, हालांकि आम आदमी के लिए घर बनाना या जमीन खरीदना अब और भी चुनौतीपूर्ण हो जाएगा। 

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