हरियाणा की कला और संस्कृति को वैश्विक मंच प्रदान करने की दिशा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक ऐतिहासिक घोषणा की है। प्रदेश के बजट 2026-27 में पहली बार 'हरियाणा फिल्म फेस्टिवल' के वार्षिक आयोजन का प्रावधान किया गया है। यह भव्य महोत्सव रोहतक स्थित दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स में आयोजित होगा।
बजट में विशेष प्रावधान
डीएलसी सुपवा के कुलपति डॉ. अमित आर्य ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री ने बतौर वित्त मंत्री बजट के पेज नंबर 71 पर, बिंदु संख्या 131 के तहत इस महत्वपूर्ण परियोजना की घोषणा की है। प्रदेश के इतिहास में यह पहली बार है जब सरकारी स्तर पर किसी फिल्म फेस्टिवल के लिए बजट में अलग से मद रखा गया है। इसके सफल आयोजन में राज्य का कला एवं संस्कृति विभाग पूर्ण सहयोग करेगा।
क्षेत्रीय सिनेमा और युवा प्रतिभाओं को मिलेगा मंच
यह फिल्म फेस्टिवल केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि प्रदेश के कलाकारों के लिए एक बड़ा अवसर साबित होगा। यह महोत्सव क्षेत्रीय सिनेमा, स्वतंत्र फिल्म निर्माताओं, छात्र रचनाकारों और डॉक्यूमेंट्री मेकर्स को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक प्रोफेशनल प्लेटफॉर्म देगा। हरियाणा के गीत-संगीत और अभिनय का डंका पहले ही देशभर में बज रहा है, अब फिल्मों के जरिए हरियाणवी संस्कृति को नई ऊंचाई मिलेगी।
सुपवा का बढ़ता गौरव
कुलपति डॉ. आर्य ने बताया कि सुपवा देश की पहली ऐसी यूनिवर्सिटी है जहां एक्टिंग, डायरेक्शन, सिनेमेटोग्राफी और एडिटिंग जैसे प्रोफेशनल डिग्री कोर्स कराए जाते हैं। यहां के छात्र पहले ही अपनी शॉर्ट फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री के जरिए देश-विदेश के फेस्टिवल में अवॉर्ड जीत रहे हैं। फिल्म फेस्टिवल के आयोजन से छात्रों को इंडस्ट्री की जरूरतों को समझने और बड़े फिल्मकारों के साथ जुड़ने का सीधा मौका मिलेगा।
सरकार की 'सॉफ्ट पावर' पर नजर
राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में इस फैसले को हरियाणा की 'सॉफ्ट पावर' बढ़ाने के कदम के तौर पर देखा जा रहा है। सरकार चाहती है कि हरियाणा न केवल खेलों और खेती में, बल्कि फिल्म निर्माण और रचनात्मक कलाओं में भी देश का नेतृत्व करे।
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