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सुरेन्द्र असीजा, Fatehabad: गेहूं का सीजन सिर पर है और खेतों में बिजली की झूलती तारों से कहीं भी आगजनी की घटना से इंकार नहीं किया जा सकता। लेकिन दमकल विभाग की अपनी सांसें ही उखड़ी हुई है। इस समय खेतों में पकी गेहूं बारूद के समान मानी जाती है। किसी राहगीर के बीड़ी-सिगरेट या थोड़ी-सी चिंगारी पड़ते ही कब भयंकर आग लग जाए, इसे सोच कर ही रूह कांप जाती है। ऐसे में कैसे बुझेगी आग, इसे सोचकर ही किसानों के साथ-साथ आम लोगों के माथे पर भी चिंता की लकीरें खिंच जाती है। दमकल विभाग के पास कच्चे-पक्के 34 ही कर्मचारी है जबकि विभाग को इस समय 126 कर्मचारियों की जरूरत है। अग्निशमक की गाड़ियों में पानी भरने के लिए भी सुविधाओं का टोटा है।
आग बुझाने के लिए विभाग के पास 7 गाड़ियां
फतेहाबाद दमकल विभाग के पास आग को बुझाने के लिए सात गाड़ियां हैं, जिसमें से एक गाड़ी रेस्क्यू टेंडर की है। ऐसे ही भट्टू और भूना में 1-1, रतिया में 2 व टोहाना में 3 गाड़ियां हैं। कई गाड़ियों की हालत इस समय खस्ता है। अब सवाल यह है कि गेहूं का सीजन सिर पर है। एक दमकल विभाग पर 20 किलोमीटर का दायरा आता है। यहां बिजली की झूलती तारें आपस में टकराने और उनमें स्पार्किंग होने से हर साल आग लगती है, जिससे खेतों में पक कर तैयार खड़ी गेहूं की फसल राख के ढेर में तब्दील हो जाती है। ऐसे में दमकल विभाग की जरूरत और ज्यादा महसूस होती है।
126 की जरूरत, काम कर रहे हैं सिर्फ 34 कर्मचारी
फतेहाबाद दमकल विभाग के पास जितनी गाड़ियां है, उनमें 8 घंटे ड्यूटी के हिसाब से विभाग को 126 कर्मचारियों की जरूरत है। यानि एक गाड़ी पर एक समय में 6 कर्मचारियों का स्टाफ रहता है, जिनमें एक चालक, 4 फायरमैन व एक लीडिंग फायरमैन शामिल होता है। ऐसे में एक गाड़ी पर दिन की तीन शिफ्टों में कुल 42 कर्मचारियों की जरूरत होती है। ऐसे में फतेहाबाद में 126 कर्मचारियों की जरूरत है। विभाग के पास अब 34 कर्मचारियों का स्टाफ है।
8 घंटे से शिफ्ट हुई 12 घंटे, छुट्टियां रद्द
कर्मचारियों की कमी के चलते विभाग ने इस मौसम में 8 घंटे की बजाय 12 घंटे की शिफ्ट कर दी है यानि जो कर्मचारी तैनात हैं, उन्हें 12-12 घंटे काम करना होगा। विभाग ने गेहूं के सीजन को देखते हुए सभी छुट्टियां व अन्य रेस्ट रद्द कर दिए हैं। अग्निशमक गाड़ियों में आग बुझाने के लिए पानी होना नितांत आवश्यक है। अब भट्टू रोड पर जनस्वास्थ्य विभाग का एक ही ट्यूबवैल है, जहां से विभाग की गाड़ियों में पानी भरा जाता है। शहर या अन्य भीड़-भाड़ वाली जगहों पर आग लगने पर विभाग की गाड़ी एक जगह से पानी भरने के लिए बार-बार चक्कर काटती है, इससे कर्मचारियों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। दमकल विभाग की मांग है कि प्रत्येक गांव के जलघर पर अग्निशमन विभाग को पानी भरने की सुविधा दी जाए।
कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है विभाग
दमकल विभाग फतेहाबाद के मुख्य फायर अधिकारी ललित कुमार ने बताया कि विभाग को 126 कर्मचारियों की जरूरत है जबकि विभाग के पास 34 कर्मचारी ही काम कर रहे हैं। उनमें भी 19 कर्मचारी कच्चे है। रेगुलर कर्मचारियों की संख्या मात्र 5 ही है। कर्मचारियों की कमी के कारण अब 3 की बजाय 2 शिफ्टों में काम करने के आदेश दिए गए हैं।
