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नरेन्द्र वत्स, रेवाड़ी: विधानसभा चुनावों की घोषणा से पहले जिस तरह रेवाड़ी में डॉ. अरविंद यादव चुनाव कार्यालय का शुभारंभ कर चुके हैं, ठीक उसी तरह भाजपा अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव कमल निंबल ने भी जनसेवा केंद्र के रूप में बावल में अपना कार्यालय खोलकर भाजपा की टिकट पर दावेदारी जता दी है। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के आशीर्वाद से टिकट का दावा करने वाले श्यामसुंदर सभरवाल लोकसभा चुनावों के दौरान ही साइलेंट मोड पर जा चुके हैं।
डॉ. बनवारीलाल पहले बने राज्य मंत्री, अब बने कैबिनेट मंत्री
बावल हलके में वर्ष 2014 में राव इंद्रजीत सिंह की बदौलत भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ने वाले डॉ. बनवारीलाल मनोहर सरकार के पहले कार्यकाल में राज्य मंत्री बनने के बाद वर्ष 2019 में दूसरा चुनाव जीतकर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बन गए। बावल हलके को विकास का केंद्र बनाकर कई परियोजनाओं को सिरे चढ़वाने वाले डॉ. बनवारीलाल पूर्व मंत्री शकुंतला भगवाड़िया के बाद दूसरे ऐसे नेता रहे हैं, जिन्होंने लगातार दूसरी बार चुनाव जीता है। इन दोनों को छोड़कर बावल की जनता ने किसी सीटिंग एमएलए को लगातार दूसरी बार जीतने का मौका नहीं दिया। अगर इस बार उन्हें टिकट और जीत मिलती है, तो लगातार तीसरी बार चुनाव जीतने का रिकॉर्ड अपने नाम कर जाएंगे।
पूर्व सीएम मनोहर लाल के साथ डॉ. बनवारीलाल के अच्छे राजनीतिक संबंध
बनवारीलाल को भले ही टिकट दिलाने में राव इंद्रजीत सिंह की बड़ी भूमिका रही हो, परंतु हकीकत यह है कि बाद में उन्होंने पार्टी संगठन के साथ मिलकर मजबूती के साथ कार्य किया। उनके पूर्व सीएम मनोहरलाल के साथ अच्छे राजनीतिक संबंध रहे हैं, तो नायब सिंह सैनी के साथ भी अच्छी पटरी बैठ रही है। नायब मंत्रिमंडल में उनका कद और पद दोनों बढ़ चुके हैं। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की प्रदेश सरकार के साथ पटरी नहीं बैठने के बावजूद बनवारीलाल ने अपनी ओर से उनके सम्मान में कोई कमी नहीं आने दी। उनका भाजपा के दोनों खेमों के साथ अच्छा तालमेल रहा है। आगामी विधानसभा चुनावों में वह प्रदेश में पार्टी के बड़े दलित चेहरे के रूप में नाराज वर्ग को पार्टी के साथ जोड़ने में बड़ी भूमिका अदा कर सकते हैं।
निष्ठावान कार्यकर्ता के रूप में पहचान
कमल निंबल भी भाजपा के समर्पित और निष्ठावान कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते हैं। पार्टी ने उन्हें नूंह जिले का प्रभार भी सौंपा हुआ है। इस समय निंबल राव कैंप से नजदीकियां भी बढ़ा रहे हैं। जनसेवा केंद्र खोलकर उन्होंने एक तरह से चुनाव कार्यालय की शुरूआत कर दी है। उनका कहना है कि अगर पार्टी उन्हें मौका देती है तो इस बार वह चुनाव मैदान में उतरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अगर टिकट नहीं मिलती है, तो भी वह हलके में जनसेवा के कार्य करते रहेंगे। लेकिन चुनाव के लिए भी तैयार है।
जेजेपी छोड़कर सभरवाल ने किए प्रयास
डॉ. बनवारीलाल के राजनीतिक विरोधी रहे पूर्व जेजेपी नेता श्यामसुदंर सभरवाल ने लोकसभा चुनावों से पहले जेजेपी छोड़ दी थी। भाजपा ज्वाइन किए बिना ही वह राव इंद्रजीत सिंह का आशीर्वाद लेने के लिए उनके दिल्ली निवास पर पहुंच गए थे। इसके बाद उन्होंने दावा करना शुरू कर दिया था कि वह इस बार राव के आशीर्वाद से चुनाव लड़ने जा रहे हैं। लोकसभा चुनावों के दौरान शुरू में राव के लिए प्रचार मैदान में उतरे सभरवाल चुनाव करीब आते ही प्रचार मैदान से गायब हो गए थे।
