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हेमंत शर्मा, Rewari: जिले में प्रति वर्ष वन विभाग की ओर से लाखों पौधे लगाए व वितरित किए जाते हैं। यह कार्य हर साल मानसून की दस्तक के साथ ही एक जुलाई से शुरू हो जाता है। मानसून के आने में अभी समय है, लेकिन वन विभाग की ओर से जिले को हरा-भरा बनाने के लिए सात नर्सरियों में पौध तैयार की जा चुकी है। वन विभाग की ओर से सरकारी स्थानों, नहर, जोहड़, अरावली क्षेत्र व सड़कों के किनारे पर स्वयं पौधे लगाए जाते है। वहीं विभाग की ओर से करीब डेढ़ लाख पौधे सरकारी व प्राइवेट स्कूलों, कॉलेजों, पंचायत व शहर की संस्थाओं को फ्री दिए जाते है ताकि हर आदमी तक पौधे पहुंचे और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल सकें। इस वर्ष वन विभाग की ओर से करीब 7 लाख 52 हजार 302 पौध तैयार की जाती है।

इन प्रजातियों की पौध की गई तैयार

वन विभाग की ओर से सरकारी नर्सरियों में ज्यादातर फलदार, फूलदार, छायादार व औषधीय पौधे तैयार किए जाते हैं। विभाग की ओर से नर्सरियों में आम, अर्जुन, बड़, पीपल, गुलर, शीशम, जामुन, सिब्बल, कचनार, आंवला, नीम, गुलमोहर, बरना, करसांगवान, कदम, बेलपत्र, कजलिया, कलसटोनिया, पहाड़ी पापड़ी, तिलखन, सिल्वर ओक, इमली, जरखंड़ा, दालमौठ, कडीपत्ता, अशोका, पपीता, पारस पीपल, बेरी, सुहाजना, रीठा, जाल, चंड, तुलसी, चांदनी, गुड़हल, जंगल जलेबी, सीताफल, रोंज, खैरी, उत्रनजीवा, नींबू व अमलतास सहित कई अन्य प्रजातियों के पौधे तैयार किए गए है।

नर्सरियों में लाखों की संख्या में पौध तैयार

जिले में वन विभाग की रेवाड़ी रेंज में दिल्ली रोड जेएलएन नहर के पास व कुंड-मनेठी नर्सरी है। बावल रेंज में बावल व शहबाजपुर तथा नाहड़ रेंज में नाहड़, गुडि़यानी व बेरली सहित 7 नर्सरियां है। रेवाड़ी रेंज की दिल्ली रोड स्थित नर्सरी में 181153 छोटे व 85000 बड़े पौधे व मनेठी नर्सरी में 63470 छोटे व 75090 बड़े, नाहड नर्सरी में 46000 छोटे व 22000 बड़े, गुडि़यानी नर्सरी में 15000 छोटे व 7300 बड़े, बेरली नर्सरी में 21000 छोटे व 22345 बड़े पौधे, बावल नर्सरी में 58905 छोटे व 33575 बड़े तथा शहबाजपुर नर्सरी में 85390 छोटे व 36074 बड़े पौधे सहित कुल 7 लाख 52 हजार 302 पौधे तैयार किए गए है, जिनमें तीनों रेंज में एक लाख पौधे लोगों को फ्री बांटे जाएंगे। 50 हजार पौधे नागरिकों को फ्री बांटे जाएंगे।

जिले में वन विभाग का वन्य एरिया

जिले में वन विभाग के पास पौधे लगाने के लिए करीब 4935 हेक्टेयर का एरिया है, जिसमें 4240.5 हेक्टेयर अरावली क्षेत्र, 1528.20 हेक्टेयर वन व सड़कों के किनारे, 269.64 हेक्टेयर रेलवे का एरिया, 117.51 हेक्टेयर मसानी बैराज जैसे बांधों का एरिया, 1322.65 हेक्टेयर नहर के पास, 970.54 हेक्टेयर सेक्शन 4 व 5 के खोल, सीहा, मसीत व दीदौली का एरिया तथा 389.53 रिजर्व फोरेस्ट में नांधा व झाबुआ का एरिया है। सरकार की ओर से अरावली क्षेत्र की 8852 एकड़ भूमि को अरावली संरक्षित वन क्षेत्र भी घोषित कर दिया गया है, जिसके लिए वन विभाग की ओर से प्लानिंग की जा रही है।

पौधे लगाकर देखभाल का भी संकल्प लें

रेवाड़ी रेंज के आरएफओ संदीप कुमार ने कहा कि प्रति वर्ष देखरेख के अभाव में काफी संख्या में पौधे नष्ट हो जाते है। एक जागरूक नागरिक बनकर सभी को अपने लगाए गए पौधों की देखभाल करनी चाहिए। पर्यावरण सरंक्षण करना प्रत्येक नागरिक की अहम जिम्मेदारी है। मानसून के आने पर नर्सरी से लाखों पौधे फ्री दिए जाते है। युवा पीढ़ी को ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाकर संरक्षित करने चाहिए।