चंडीगढ़ में शामिल 22 गांवों के किसान आज अपनी लंबित मांगों को लेकर सड़क पर उतरने जा रहे हैं। 'पेंडू विकास मंच' के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में किसान प्रशासन के सामने अपनी आवाज बुलंद करेंगे। किसानों का कहना है कि कागजों में गांव भले ही नगर निगम का हिस्सा बन गए हों, लेकिन उन्हें आज तक शहरी सुविधाएं और अधिकार नहीं मिले हैं।
शांतिपूर्ण होगा प्रदर्शन
किसानों ने स्पष्ट किया है कि यह प्रदर्शन सारंगपुर-मुल्लांपुर रोड पर आयोजित किया जाएगा। आम जनता को कोई असुविधा न हो, इसके लिए विशेष ध्यान रखा गया है। प्रदर्शन शांतिपूर्ण होगा और ट्रैफिक को बिल्कुल भी बाधित नहीं किया जाएगा, जिससे वाहनों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी रहेगी।
किसानों की प्रमुख मांगें
पेंडू विकास मंच के अध्यक्ष सतिंदरपाल सिंह सिद्धू के नेतृत्व में किसान निम्नलिखित मांगों को लेकर प्रशासन पर दबाव बनाएंगे:
- लाल डोरा का खात्मा: किसानों की मांग है कि चूंकि अब गांव नगर निगम में शामिल हो चुके हैं, इसलिए 'लाल डोरा' की व्यवस्था को खत्म कर शहरी क्षेत्र के नियम लागू किए जाएं।
- लैंड पूलिंग पॉलिसी: किसानों के लिए लैंड पूलिंग पॉलिसी लाई जाए, ताकि शहर के भविष्य के विकास में उन्हें उचित भागीदारी और सम्मानजनक हिस्सा मिल सके।
- वार्डों का पुनर्गठन: किसानों का आरोप है कि वर्तमान में वार्डों का निर्धारण तर्कसंगत नहीं है। मांग है कि गांवों को गांवों के साथ और कॉलोनियों को कॉलोनियों के साथ जोड़कर वार्ड बनाए जाएं ताकि स्थानीय समस्याओं का समाधान हो सके।
- कलेक्टर रेट में बढ़ोत्तरी: कृषि भूमि के कलेक्टर रेट बहुत कम हैं, जिन्हें बढ़ाया जाना चाहिए।
"हक नहीं मिला तो आंदोलन होगा तेज"
सतिंदरपाल सिंह सिद्धू ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया, तो यह संघर्ष केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा, "अगर जल्द ही ठोस फैसला नहीं लिया गया, तो आने वाले समय में चंडीगढ़ के सभी 22 गांवों में चरणबद्ध तरीके से बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।" आज होने वाले इस प्रदर्शन में करीब 500 से अधिक किसानों के जुटने की संभावना है, जो प्रशासन के सामने अपनी बुनियादी समस्याओं और विकास संबंधी मांगों को मजबूती से रखेंगे।
अगर आपको यह खबर उपयोगी लगी हो, तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर करना न भूलें और हर अपडेट के लिए जुड़े रहिए haribhoomi.com के साथ।