हरियाणा में क्राइम थमने का नहीं ले रहे है।दिन प्रतिदिन फोन के द्वारा धमकियां बढ़ती जा रही है। मोहन लाल बड़ौली ने कहा है कि 'अब धमकियां पुराने ढर्रे पर नहीं, बल्कि आधुनिक और डिजिटल तरीकों से दी जा रही हैं। इसमें सोशल मीडिया, विदेशी नंबरों से कॉल और इंटरनेट कॉलिंग का इस्तेमाल प्रमुख है।'
कानून-व्यवस्था पर स्टैंड
बड़ौली ने स्पष्ट किया कि सरकार इन "आधुनिक अपराधियों" से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने पुलिस को निर्देश देने की बात कही कि तकनीक का सहारा लेकर इन मामलों को जल्द सुलझाया जाए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब हरियाणा में व्यापारियों, विधायकों और रसूखदार लोगों को विदेशी नंबरों (खासकर लॉरेंस बिश्नोई या अन्य गैंग्स के नाम पर) से रंगदारी और जान से मारने की धमकियां मिलने के मामले बढ़े हैं।
बड़ौली का दृष्टिकोण
अपराध के स्वरूप को बदलते हुए अब अपराधियों ने अपने क्रीइम को अंजाम देने के लिए शारीरिक रूप से सामने आने के बजाय डिजिटल दुनिया में छिपकर वार करना शुरू कर दिया हैं। इसके साथ ही 'फैशन' शब्द का इस्तेमाल कर उन्होंने बताया कि कैसे अपराधी इसे 'स्टेटस सिंबल' बना रहे हैं।
सरकार की चुनौती
साइबर सेल को ओर अधिक मजबूत करने की आवश्यकता पर बल देना ज़रूरी है।विपक्ष अक्सर यह आरोप लगाता है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था ठप है। बड़ौली ने "आधुनिक तरीके" की बात कहकर संभवतः यह बताने की कोशिश की है कि चुनौतियां अब पहले जैसी साधारण नहीं रहीं, इसलिए जांच में भी नयापन चाहिए।"अपराधियों ने अगर तरीका बदला है, तो हमारी पुलिस की तकनीक और डंडा भी अब डिजिटल तरीके से उन्हें ट्रैक करेगा।
अपराधियों को दी सीधी चेतावनी
मोहन लाल बड़ौली का यह बयान अपराधियों को सीधी चेतावनी है कि उनकी डिजिटल लुका-छिपी अब ज्यादा दिन नहीं चलेगी। हालांकि, असली चुनौती यह होगी कि हरियाणा पुलिस कितनी जल्दी इन हाई-टेक अपराधियों और उनके नेटवर्क को ध्वस्त कर पाती है।
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