A PHP Error was encountered
Severity: Warning
Message: Undefined variable $summary
Filename: widgets/story.php
Line Number: 3
Backtrace:
File: /content/websites/front-hbm/application/views/themes/mobile/widgets/story.php
Line: 3
Function: _error_handler
File: /content/websites/front-hbm/application/views/themes/amp/story.php
Line: 39
Function: view
File: /content/websites/front-hbm/application/libraries/Sukant.php
Line: 507
Function: view
File: /content/websites/front-hbm/application/libraries/Sukant.php
Line: 341
Function: loadAmpTheme
File: /content/websites/front-hbm/application/controllers/Content.php
Line: 303
Function: contentStorypageAmp
File: /content/websites/front-hbm/index.php
Line: 319
Function: require_once
हांसी/हिसार: बास थाना के अंर्तगत आने वाले एक गांव में 10 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ गलत नीयत से छेड़छाड़ की गई। इसमें दुखद पहलू यह है कि छेड़छाड़ की घटना को सात दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया। पुलिस द्वारा मामला दर्ज नहीं किए जाने पर पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक मकसूद अहमद को शिकायत दी और कार्रवाई की मांग की। पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।
खेत में जबरदस्ती करने का किया प्रयास
पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में पीड़ित पक्ष ने बताया कि 12 सितंबर को सायं करीब 6.40 बजे वह अपनी 10 वर्षीय बेटी के साथ खेत में पानी लगाने के लिए गया था। जब नाबालिग बेटी खेत के रास्ते में बनी नाले की पुलिया के पास बैठी थी तो इस दौरान आरोपी वहां पर आया और उसने लड़की को जबरदस्ती पकड़कर अपने बाजरे के खेत में घसीट लिया। जब उसकी बेटी जोर जोर से रोने व चिल्लाने लगी तो उसकी आवाज सुनकर वह भागा और अपनी लड़की को छुड़वाने की कोशिश की। आरोपी ने कस्सी से उसके बाएं हाथ पर वार कर दिया, लेकिन उसने किसी तरह अपना बचाव करते हुए लड़की को छुड़वाया।
पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई
पीड़ित पक्ष ने बताया कि वह अपनी बच्ची को लेकर महिला थाना पहुंचा तो वहां तैनात पुलिस कर्मियों ने पहले मेडिकल करवाने के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया। जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद हिसार रेफर कर दिया। हिसार सिविल अस्पताल में पांच दिन तक उपचार किया गया और इस दौरान सिविल अस्पताल के चिकित्सकों ने हांसी पुलिस को सूचित कर दिया, लेकिन पुलिस पांच दिन तक उनके बयान दर्ज करने सिविल अस्पताल नहीं आई। पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने पर पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी। पुलिस अधीक्षक ने पीड़ित पक्ष को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
