दिल्ली के पर्यावरण एवं वन मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। इसमें वायु प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए 22 नई तकनीकों के प्रस्ताव पर चर्चा की गई।

दिल्ली की सबसे बड़ी समस्याओं में शुमार यानी वायु प्रदूषण के खिलाफ सीएम रेखा गुप्ता की सरकार ने अपनी मुहिम को तेज करने का निर्णय लिया है। पर्यावरण एवं वन मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। इसमें दिल्ली परिवहन निगम, एमसीडी, दिल्ली फायर ब्रिगेड, दिल्ली ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के साथ-साथ स्वास्थ्य एवं परिवार कलयाण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए चयनित की गई नई तकनीकों के ट्रायल को तेजी से आगे बढ़ाने के लक्ष्य को लेकर रणनीति तैयार की गई। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बैठक में कुल 22 नई और प्रभावी तकनीकों का परीक्षण किया गया। अधिकारियों ने बताया कि वायु प्रदूषण पर नियंत्रण पाने के लिए तकनीकों पर देशभर से कुल 284 प्रस्ताव मिले थे। इन प्रस्तावों को दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के पास भेजा गया और 48 तकनीकों को मंजूरी देकर प्रस्ताव आगे भेज दिया।

इसके बाद आईआईटी दिल्ली, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, ऑटोमेटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया, नेशनल फिजिकल लेबोरटरी, डीटी और मारुति सुजुकी के विशेषज्ञों वाली समिति ने इन गहन जाने के बाद 48 तकनीकों में से 22 तकनीकों को ट्रायल के लिए चुना है। 

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिरसा ने दिए ये निर्देश

पर्यावरण एवं वन मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस मौके पर सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इन ट्रायल्स को तेजी से पूरा करें और इसमें किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों के परीक्षण के लिए आवश्यक स्थान की अनुमति, उपकरणों की स्थापना, बिजली की आपूर्ति, अनापत्ति प्रमाण पत्र समय पर उपलब्ध होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि ट्रायल साइट्स तक पहुंच, वाहनों की व्यवस्था और अन्य लॉजिस्टिक सहायता भी बिना देरी के सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों का समय पर परीक्षण बेहद आवश्यक है। अगर यह ट्रायल सफल रहा तो दिल्ली की हवा स्वच्छ होगी और राजधानी में रहने वाले लोग भी राहत की सांस ले सकेंगे।