Delhi Police: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बार फिर से बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान समर्थित जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने पंजाब और दिल्ली से 11 जासूसों और आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार सभी आरोपी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से कनेक्ट थे।
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क संवेदनशील सैन्य और अर्धसैनिक ठिकानों के पास सोलर पावर से चलने वाले CCTV कैमरो की मदद से जासूसी कर रहा था। इन कैमरों में लगे सिम कार्ड की सहायता से लाइव फुटेज एक मोबाइल एप की सहायता से सीधे पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स तक भेजी जा रही थी।
जांच के दौरान इस मॉड्यूल के 3 बड़े पहलू देखे गए हैं, जैसे संवेदनशील इलाकों में CCTV के माध्यम से निगरानी, सीमा पार से हथियारों की तस्करी, ग्रेनेड हमलों की साजिश शामिल हैं। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 4 पिस्टल, 24 कारतूस, 24 मोबाइल फोन, 2 कार और 2 मोटरसाइकिल बरामद कर ली है, इन सभी हथियारों का इस्तेमाल तस्करी में किया जा रहा था।
कौशांबी से भी हुई थी गिरफ्तारी
इन जासूसी नेटवर्क के बारे में पहली बार 14 मार्च को खुलासा गाजियाबाद के कौशांबी से हुआ था, इस मामले मे 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि सोनीपत के रेलवे ट्रैक और दिल्ली कैंट में कैमरे लगाकर सेना की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी की जा रही थी, जिसके बाद 15 और लोगों को गिरफ्तार किया गया।
2 ऑपरेशन में आतंकवादी गिरफ्तार
पहले ऑपरेशन में नॉर्दर्न रेंज टीम ने 6 आरोपियों को पकड़ लिया। जिसमें पंजाब और दिल्ली के आरोपी शामिल थे। मुख्य आरोपी मनप्रीत सिंह ने कहा है कि वह पाकिस्तान स्थित हैंडलर के सीधे संपर्क में था, इसके निर्देश पर ही हथियार और फर्जी सिम कार्ड सप्लाई किया करते थे। दूसरे ऑपरेशन में साउथ वेस्ट रेंज टीम की ओर से मिलिट्री इंटेलिजेंस की सूचना पर 5 दूसरे आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, ये सभी सेना और BSF कैंपों की रेकी करने में लगे हुए थे।
कहां लगाए गए थे CCTV
पुलिस कार्रवाई में पता लगा है कि आरोपियों ने उत्तर भारत के कई शहरों में CCTV कैमरे लगाए थे, जिनमें कपूरथला, जालंधर, पठानकोट, पटियाला, मोगा, अंबाला, कठुआ, बीकानेर और अलवर शामिल थे। इसके अलावा डिजिटल डिवाइस और मोबाइल फोन से भारी मात्रा में संवेदनशील डेटा, फोटो, वीडियो और लोकेशन जानकारी बरामद क गई है। जांच एजेंसियों का कहना है कि पाकिस्तान में बैठे हैंडलर ISI और गैंगस्टरों के साथ मिलकर भारत में बड़े आतंकी हमलों की योजना बनाने में जुटे हुए थे।