A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: Undefined variable $summary

Filename: widgets/story.php

Line Number: 3

Backtrace:

File: /content/websites/front-hbm/application/views/themes/mobile/widgets/story.php
Line: 3
Function: _error_handler

File: /content/websites/front-hbm/application/views/themes/amp/story.php
Line: 39
Function: view

File: /content/websites/front-hbm/application/libraries/Sukant.php
Line: 507
Function: view

File: /content/websites/front-hbm/application/libraries/Sukant.php
Line: 341
Function: loadAmpTheme

File: /content/websites/front-hbm/application/controllers/Content.php
Line: 303
Function: contentStorypageAmp

File: /content/websites/front-hbm/index.php
Line: 319
Function: require_once

Drug Smuggling Gang Busted: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने किंगपिन सहित चार ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से करीब 50 करोड़ कीमत की अफीम व हेरोइन बरामद हुई है। बरामद कच्ची हेरोइन और अफीम उत्तर पूर्वी राज्यों से तस्करी कर लाई गई थी। इसे दिल्ली और अन्य निकटवर्ती राज्यों में आपूर्ति किया जाना था। आरोपी पुलिस से बचने के लिए कार में गुप्त जगह बनाकर ड्रग्स छुपाते थे।

ड्रग्स तस्करी गिरोह का भंडाफोड़

डीसीपी अमित कौशिक ने बताया कि स्पेशल सेल की ट्रांस यमुना रेंज ने इस अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्टेल के सरगना सहित चार तस्करों को पकड़ा गया है। इनके नाम रामअवतार, तेजपाल बेनीवाल, रामनिवास लेगा और किशना राम लेगा है। सभी राजस्थान के रहने वाले हैं। इनके पास से 6.776 किलो कच्ची हेरोइन और 10.598 किलो अच्छी गुणवत्ता वाली अफीम बरामद हुई। ड्रग्स को छिपाने के लिए काले रंग की थार कार में गुप्त जगह बनाई गई थी। इसके अलावा एक सफेद रंग की सेल्टोस कार व कई मोबाइल फोन बरामद हुए।

दिल्ली को नशा मुक्त शहर बनाने का अभियान जारी

स्पेशल सेल के अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली में नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और तस्करी से निपटने और एक नशा मुक्त शहर बनाने के निरंतर अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बड़ी संख्या में नशीली दवाओं के तस्करों को गिरफ्तार करके बड़ी खेप जब्त की गई है। पुलिस का कहना है कि ड्रग्स के बारे में छह महीने पहले इनपुट मिला था। इसके बाद विभिन्न स्रोतों के माध्यम से दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय मादक पदार्थों के आपूर्तिकर्ताओं और तस्करों के बारे में जानकारी एकत्र की गई। इन छह महीनों के दौरान संदिग्ध अंतरराज्यीय ड्रग कार्टेल के सदस्यों की पहचान की गई और टीम के सदस्यों द्वारा उनकी गतिविधियों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी गई। यह भी सामने आया कि उत्तर पूर्वी राज्यों के आपूर्तिकर्ता म्यांमार की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के आसपास के पहाड़ी इलाकों से कच्चा माल खरीदते हैं।

राम अवतार है ड्रग कार्टेल का सरगना

पुलिस को जून के आखिरी सप्ताह में पता चला था कि राजस्थान का राम अवतार एक अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट चलाता है। यह भी पता चला था कि मणिपुर से दिल्ली और एनसीआर में सप्लाई करने के मकसद से रामअवतार अपने साथियों के साथ काले रंग की महिंद्रा थार में सवार होकर तुगलकाबाद किले पर पहुंचेगा। वह भारी मात्रा में मादक पदार्थ जैसे हेरोइन और अफीम की डिलीवरी देगा। इसके बाद सूचना को लगातार पुख्ता किया गया और राम अवतार को उसके तीन साथियों के साथ बायोडायवर्सिटी पार्क, तुगलकाबाद से दबोच लिया गया। जांच करने पर कार के बाएं रियर टेल लाइट के अंदर गुप्त जगह में 6.776 किलो क्रूड हेरोइन और दाहिने रियर टेल लाइट के अंदर से 10.126 किलोग्राम अच्छी गुणवत्ता वाली अफीम बरामद की गई। विवेचना के दौरान गिरफ्तार अभियुक्त राम अवतार की निशानदेही पर राजस्थान से किआ सेल्टोस की छत में बने गुप्त छिद्रों से 472 ग्राम अफीम बरामद हुई।

मणिपुर के स्थानीय नागरिकों से इकट्ठा की जाती थी अफीम

इस अंतरराज्यीय कार्टेल के सदस्य उत्तर पूर्वी राज्यों मणिपुर और अन्य से राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब और दिल्ली एनसीआर में हेरोइन और अफीम की तस्करी करते थे। वे इंफाल, मणिपुर में सड़क निर्माण में शामिल विभिन्न कंपनियों के श्रमिकों का सहारा लेते थे। सबसे पहले, सरगना सड़क निर्माण कार्य में लगी कंपनियों के साथ अपनी कुछ मशीनों और ट्रैक्टरों को काम पर लगाने के लिए एक अनुबंध पर हस्ताक्षर करता था। उनके ड्रग कार्टेल के कुछ सदस्य मशीनरी पर ड्राइवर या सहायक के रूप में काम करते थे। कार्टेल के सदस्य मणिपुर के स्थानीय निवासियों से नारकोटिक्स पदार्थ एकत्र करते थे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से हेरोइन और अफीम के खरीदारों के साथ संवाद किया जाता था।