Logo
दिल्ली के संसद भवन परिसर में अचानक खतरे का सायरन बजने से अफरा-तफरी मच गई। CISF और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गईं। जांच में सामने आया कि तेज हवा से बूम बैरियर हिलने के कारण सेंसर सक्रिय हो गया था।

देश की राजधानी दिल्ली स्थित संसद भवन परिसर में सोमवार को उस समय हलचल मच गई जब अचानक खतरे का सायरन बजने लगा। सायरन की आवाज सुनते ही परिसर में मौजूद लोगों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए पूरे क्षेत्र को घेर लिया और स्थिति को नियंत्रित कर लिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संसद भवन परिसर में लगे स्वचालित सुरक्षा सिस्टम ने अलर्ट जारी किया था। सायरन बजते ही केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की क्विक रिएक्शन टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई और सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए। एहतियात के तौर पर संसद भवन के सभी प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा जवानों ने मोर्चा संभाल लिया और आने-जाने वाले वाहनों की सख्त जांच शुरू कर दी।

तेज हवा से सक्रिय हुआ सुरक्षा सेंसर
जांच में सामने आया कि तेज हवा के कारण परिसर में लगा एक बूम बैरियर हिल गया था। यह बैरियर सुरक्षा सेंसर से जुड़ा हुआ था, जिसके हिलने से सेंसर सक्रिय हो गया और स्वचालित सुरक्षा प्रणाली ने खतरे का अलार्म बजा दिया।

सायरन बजते ही सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूरे परिसर की निगरानी बढ़ा दी ताकि किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके। इस दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति या वाहन संसद परिसर में प्रवेश न कर पाए।

अधिकारियों ने किया निरीक्षण, कोई खतरा नहीं
घटना की जानकारी मिलते ही CISF के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने बूम बैरियर और अन्य सुरक्षा उपकरणों की भी जांच कराई। शुरुआती जांच में किसी भी तरह के सुरक्षा खतरे के संकेत नहीं मिले।

अधिकारियों के अनुसार, यह घटना पूरी तरह तकनीकी कारणों से हुई थी। तेज हवा के कारण बैरियर हिलने से सेंसर सक्रिय हो गया और ऑटोमेटेड सिस्टम ने अलर्ट जारी कर दिया। जांच पूरी होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने संसद भवन परिसर को पूरी तरह सुरक्षित घोषित कर दिया।

हालांकि इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियात के तौर पर सुरक्षा उपकरणों की दोबारा जांच करने और सिस्टम को और मजबूत करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति से बचा जा सके।

7