Delhi New Underpasses: दिल्ली में मुकरबा चौक के पास जल्द ही 3 नए अंडरपास को शुरू किया जाएगा। अंडपास के शुरू होने से ट्रैफिक कम होगा, और यात्रियों का सफर भी आसान बनेगा।

Delhi New Underpasses: दिल्लीवासियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि दिल्ली के  मुकरबा चौक पर जल्द ही बहुप्रतीक्षित 3 नए अंडरपास को शुरू कर दिया जाएगा। इन अंडरपास का निर्माण कार्य 98 प्रतिशत पूरा कर लिया गया है।

अंडरपास के शुरू हो जाने के बाद  बदली-रोहिणी और आजादपुर-जहांगीरपुरी के बीच सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके अलावा आउटर रिंग रोड कॉरिडोर पर कनेक्टिविटी में सुधार की भी संभावना जताई गई है।  

इस प्रोजेक्ट में हैदरपुर बादली मोर मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 3 के पास बने 3 अंडरपास शामिल हैं। दो अंडरपास गाड़ियों के आवागमन के लिए तैयार किए गए हैं, जबकि तीसरा पैदल यात्रियों और गैर-मोटर चालित वाहनों को समर्पित है।  

दिल्ली PWD विभाग के मंत्री परवेश वर्मा के मुताबिक, 'मुकरबा चौक पर बार-बार भारी ट्रैफिक जाम होता है। इस समस्या को दूर करने के लिए हमारे विभाग ने तीन टनल का निर्माण किया है। 98 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। सीएम रेखा गुप्ता द्वारा डेट की घोषणा होते ही इसे शुरू कर दिया जाएगा। परवेश वर्मा का कहना है कि जहां भी ट्रैफिक की समस्या देखी गई है, वहां हमारा काम जारी है।'     

यात्रियों का सफर बनेगा आसान

मुकरबा चौक प्रोजेक्ट पूरा हो जाने के  बाद बादली गांव, रोहिणी के सेक्टर 18 और 19, संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर और शालीमार बाग के बीच आने-जाने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलने की संभावना है। इससे भीड़भाड़ वाले मुकरबा चौक फ्लाईओवर से होकर 1.5 किलोमीटर का चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, और आजादपुर मंडी और आदर्श नगर की तरफ जाने का रास्ता भी आसान हो जाएगा

50 मीटर लंबे हैं अंडरपास

बताया जा रहा है कि प्रत्येक गाड़ी अंडरपास की लंबाई करीब 50 मीटर है।  वाहनों के आने जाने के लिए  दो अंडरपास 9.6 मीटर चौड़े और 6 मीटर ऊंचे हैं। एक अधिकारी का कहना है कि इससे अलग-अलग तरह की गाड़ियों का आवागमन आसान और सुगम हो जाएगा। अंडरपास बन जाने के बाद जीटी रोड और आउटर रिंग रोड पर ट्रैफिक में कमी आएगी। आजादपुर, वजीरपुर, नरेला, बावाना और हरियाणा की तरफ जाने वाले यात्रियों को फायदा होगा। 

15,800 गाड़ियों का आवागमन

अधिकारियों ने संभावना जताई है कि करीब 15,800 गाड़ियां इस नए कॉरिडोर का इस्तेमाल करेंगे, जिससे यातायात सुगम हो जाएगा। इस परियोजना से हर यात्रा समय में 10 मिनट तक की कमी आने और दूरी में करीब 1 किलोमीटर कमी आने की संभावना है। PWD की ओर से  अनुमान लगाया गया है कि इससे सालाना करीब 58,000 लीटर ईंधन की बचत होने की संभावना है।