Ghaziabad Tax Evasion Case: दिल्ली से सटे गाजियाबाद में राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा ने कोल्ड ड्रिंक कारोबारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कारोबारियों ने मात्र 2 महीने में 4 करोड़ की जीएसटी चोरी की है।

Ghaziabad Tax Evasion Case: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में राज्य कर विभाग की विशेष अनुसंधान शाखा ने कोल्ड ड्रिंक के कारोबार में हो रही बड़ी टैक्स चोरी के खिलाफ कार्रवाई की है। हाल ही में जीएसटी काउंसिल ने कोल्ड ड्रिंक पर टैक्स दरों में बदलाव किया था। इसके बाद विभाग को लगातार सूचना मिल रही थी कि कई व्यापारी ऊंचे टैक्स से बचने के लिए गलत तरीके अपना रहे हैं। 22 सितंबर 2025 से कोल्ड ड्रिंक पर जीएसटी की दर 40 प्रतिशत कर दी गई थी। इस ऊंची दर के कारण कुछ व्यापारी अवैध रास्ते अपनाने लगे। विभाग ने डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके संदिग्ध फर्मों की पहचान की। अपर आयुक्त (ब्रेड-1) संदीप मागिया के नेतृत्व में टीम ने इस मामले की जांच शुरू की।

जांच में पता चला कि कोल्ड ड्रिंक बेचने वाले व्यापारी फर्जी बिलिंग और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत फायदा उठाकर सरकार को नुकसान पहुंचा रहे थे। फरवरी और मार्च महीने में विशेष छापेमारी की गई। इस दौरान चार करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का मामला सामने आया। छापेमारी में तीन करोड़ रुपये मौके पर ही जमा कराए गए। विभाग की टीमों ने फर्मों के रिटर्न और पोर्टल डेटा का डिजिटल मिलान किया। इसमें खरीद ज्यादा दिखाई गई लेकिन बिक्री कम बताई गई। संदिग्ध दुकानों और गोदामों की रेकी की गई तो कागजों में दिखाए गए स्टॉक मौके पर नहीं मिले। इससे बिना बिल की बिक्री की पुष्टि हुई।

कार्रवाई के दौरान जीएसटी अधिनियम की धारा 67 के तहत चार प्रमुख फर्मों के ठिकानों पर दबिश दी गई। जांच में कई तरह की गड़बड़ियां पकड़ी गईं। व्यापारी बिना ई-वे बिल के माल की आवाजाही कर रहे थे। कुछ फर्मों ने फर्जी इनवॉइस के जरिए ITC क्लेम किया ताकि नकद टैक्स न देना पड़े। आउटवर्ड सप्लाई में भी हेराफेरी की गई। माल को वास्तविक दर से कम दर पर बेचा हुआ दिखाया गया। इससे टैक्स की देनदारी कम हो जाती थी। विभाग ने साफ कहा कि फर्जी बिलिंग और कर चोरी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।