Gurugram Illegal Water Connections: गुरुग्राम नगर निगम पेयजल की बर्बादी और अवैध कनेक्शन को रोकने के लिए शहर में करीब 3 लाख अवैध कनेक्शनों को काटने का अभियान शुरू कर दिया है। निगम ने इस अभियान की सबसे पहले शुरुआत सूरत नगर में 58 अवैध कनेक्शनों को काटने से की है, इसके बाद बसई एरिया में भी अवैध कनेक्शन को काटने का अभियान शुरू कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, निगम द्वारा सबसे पहले उन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर शिकंजा कसा है, जहां पर बिना किसी डर के पेयजल का व्यवसायिक इस्तेमाल किया जाता है। ऐसा कहा जा रहा है कि मौजूदा वक्त में गुरुग्राम में 7 लाख 15 हजार प्रॉपर्टी आईडी रजिस्टर है, लेकिन शहर में 1 लाख 94 हजार लोगों ने ही निगम से पानी के वैध कनेक्शन लिए हुए हैं। इनमें से करीब 80 हजार लोगों ने ही अपनी प्रॉपर्टी आईडी से पानी के बिलों को कनेक्ट किया हुआ है।
यह भी अनुमान लगाया गया है कि करीब डेढ़ लाख लोग सीधा GMDA से पानी लेते हैं, लेकिन साढ़े 3 लाख प्रॉपर्टी ID वाले लोगों ने अवैध रूप से पानी का कनेक्शन किया हुआ है। अब इस अंतर को खत्म करने के लिए निगम ने प्रॉपर्टी आईडी के साथ पानी के बिलों को कनेक्ट करने का ऑर्डर जारी कर दिया है। अब अवैध रुप से चल रहे साढ़े 3 लाख कनेक्शन को काटने का निगम ने अभियान शुरू किया है।
निगम को मिल रही थी शिकायत
निगम को काफी लंबे वक्त से शिकायत मिल रही थी कि शहर के अलग-अलग होटलों, ढाबों और रेस्टोरेंट में अवैध कनेक्शनों के माध्यम से पेयजल का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं घरेलू इस्तेमाल के लिए सप्लाई होने वाले पानी का इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों में किया जाता है। ऐसे में अब अवैध कनेक्शन के खिलाफ अभियान चला रहा है।
नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि शहर में अवैध कनेक्शन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा अवैध रूप से चल रहे वाहन सर्विस स्टेशनों पर भी पीने के पानी का गलत इस्तेमाल किया जाता है।
ऐसे में स्थानीय लोगों ने मांग उठाई है कि इस मामले में नगर निगम तुरंत संज्ञान लेकर सभी अवैध सर्विस स्टेशनों को सील करके उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे, ताकि पानी के दुरुपयोग पर रोक लगाई जा सके।
गुरुग्राम निगम आयुक्त प्रदीप दहिया का कहना है कि, 'अवैध कनेक्शन लेने या पानी का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जल संरक्षण और नियमों का पालन हम सभी की जिम्मेदारी है। सहयोग करें, शहर को बेहतर बनाएं।'