दिल्ली पुलिस ने मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन के पास जंगलों में मिले अधजले शव की वारदात को सुलझा लिया है। पुलिस ने दो आरोपियों को अरेस्ट किया है। आरोपियों की पहचान आजादपुर गांव निवासी गौरव उर्फ कालिया और लाल बाग निवासी विनय के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि यह हत्या पुरानी रंजिश के चलते की गई। बहरहाल, पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
आदर्श नगर थाना पुलिस को 11 फरवरी को मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन के पास युवक का अधजला शव पड़े होने सूचना मिली थी। पुलिस ने जांच शुरू की तो मृतक की शिनाख्त अशोक विहार फेज 2 स्थित जेलर वाला बाग निवासी 17 वर्षीय विष्णु के रूप में हुई। शव की पहचान होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान मृतक की बहन रोशनी ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि अगस्त 2025 में दीपक नामक शख्स की हत्या हुई थी, जिसमें उसका भाई विष्णु भी शामिल था। नाबालिग होने की वजह से उसे जुवेनाइल होम भेजा गया था। 31 जनवरी को वह जमानत पर रिहा हुआ था।
जानलेवा हमले की थी आशंका
रोशनी ने बताया कि उसका भाई जब से जमानत पर रिहा हुआ, उसके बाद से परेशान दिख रहा था। उसने बताया कि आजादपुर निवासी गौरव उर्फ कालिया और उसके दोस्त उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। उसने बताया कि 11 फरवरी को विष्णु यह कहकर घर से निकला था कि कुछ देर में वापस आ जाएगा। जब घर नहीं लौटा तो मोबाइल पर कॉल की, लेकिन फोन स्विच ऑफ आया। रोशनी ने आशंका जताई कि गौरव उर्फ कालिया ने ही उसके भाई की हत्या की है।
पुलिस ने आरोपियों को धर दबोचा
पुलिस ने बताया कि मृतक की बहन के बयान और जांच के आधार पर 17 फरवरी को सूचना के आधार पर आरोपी विनय को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल स्कूटी बरामद की गई। पूछताछ के दौरान आरोपी विनय ने खुलासा किया कि उसने गौरव के साथ मिलकर विष्णु की हत्या की है। उसकी निशानदेही पर गौरव को भी अरेस्ट कर लिया गया।
चाचा की हत्या का लेना था बदला
पूछताछ के दौरान गौरव उर्फ कालिया ने खुलासा कि उसके पड़ोस में दीपक रहते थे, जिन्हें वो अपना चाचा मानता था। इस हत्या मामले में विष्णु के शामिल होने का भी शक था। लेकिन आरोपी उसके मुंह से उसका कबूलनामा सुनना चाहते थे। 11 फरवरी की रात को उन्होंने विष्णु को बुलाया और शराब पिलाई। शराब के नशे में विष्णु ने दीपक की हत्या की बात कबूल ली। वहीं गौरव को भी जान से मारने की बात कही, जिसके बाद गौरव और विनय ने मिलकर विष्णु के सिर को पत्थरों से कुचल दिया और साक्ष्य मिटाने के लिए पेट्रोल डालकर आग लगा दी। संबंधित जांच अधिकारी का कहना है कि आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।