दिल्ली पुलिस ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में युवा कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन को गहरी साजिश बताया है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि अभी तक इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, अन्य संदिग्धों और आरोपियों की धरपकड़ के लिए अन्य राज्यों की पुलिस से मदद ली जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी क्राइम ब्रांच देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने बताया कि एआई इम्पैक्ट समिट 2026 चल रहा था। इस दौरान गणमान्य व्यक्तियों, अतिथियों और विदेशी मेहमानों के समकक्ष सुरक्षा भंग करने की साजिश देखी गई। आक्रामक तत्वों को काबू करने का प्रयास किया गया तो कई पुलिसकर्मियों को चोटें लगीं। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रथम दृष्टया पाया गया है कि कई लोग इस साजिश में संलिप्त पाए गए हैं। अभी तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। कुछ अन्य संदिग्धों से भी पूछताछ जारी है।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में इंडियन यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब का नाम भी शामिल है। सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। साजिश का पता लगाने के लिए अन्य राज्यों की पुलिस से भी छापामारी की जा रही है। अब तक की जांच में पता चला कि यह साजिश गहन षड्यंत्र के तहत रची गई है। इसके प्रमाण भी मिल चुके हैं। मामले की जांच क्राइम ब्रांच इंटर स्टेट को ट्रांसफर कर दी गई है।
शर्टलेस प्रदर्शन पर भड़के पूर्व जज और अधिकारी
उधर, युवा कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन को लेकर 277 पूर्व जज और अधिकारियों ने चिट्ठी लिखकर इसकी निंदा की है। भारत मंडपम में राष्ट्रीय कलक शीर्षक से लिखे बयान में दिल्ली हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति एसएन ढ़िगरा और पूर्व डीजीपी बीएल वोहरा ने यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन को बेतूका बताते हुए लिखा कि यह राष्ट्रीय गरिमा के लिए विश्वघात है। चिट्ठी में पूर्व जजों और अधिकारियों ने लिखा कि हम भारत के सभी जागरूक नागरिक इस घटना से बेहद स्तब्ध हैं। ऐसे में जब दुनिया के सबसे प्रभावशाली तकनीकी नेता, वैश्विक सीईओ और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भारत को भविष्य के प्रमुख निर्माता के रूप में उभरते देखने के लिए एकत्रित हुए थे, तब सुनियोजित प्रदर्शन ने वैश्विक मंच पर देश को बदनाम करने का काम किया है। चिट्ठी के अंत में लिखा कि हम ऐसी राजनीति को अस्वीकार करने का आह्वान करते हैं, जो मातृभूमि के सार्वजनिक अपमान में गर्व महसूस करती है।