आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 'फांसी घर' विवाद को लेकर आज दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति के समक्ष दोपहर तीन बजे पेश होंगे। उन्होंने इसकी जानकारी अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर शेयर की है। उन्होंने लिखा कि मुझे 'फांसी घर' पर चर्चा के लिए बुलाया है। बता दें कि अरविंद केजरीवाल ने इस बैठक का लाइव प्रसारण करने की मांग की थी, लेकिन इस मांग को खारिज कर दिया गया है।
दिल्ली विधानसभा सचिवालय परिसर की ओर से जारी पत्र में बताया गया है कि विशेषाधिकार समिति की बैठकें पूरी तरह से गोपनीय होती हैं। दिल्ली विधानसभा की प्रक्रिया और कार्य संचालन के नियम विशेषाधिकार समिति की बैठकों के लाइव स्ट्रीमिंग या टेलीकास्ट की अनुमति नहीं देता है। पत्र में लिखा कि न तो संसद में और न ही देश की किसी अन्य राज्य की विधानसभा में विशेषाधिकार समिति की बैठक का कभी भी लाइव प्रसारण नहीं किया गया है।
केजरीवाल के अनुभव पर उठाए सवाल
विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष ने अरविंद केजरीवाल के विशेषाधिकार समिति की बैठक के लाइव प्रसारण की मांग को उनके अनुभव से जोड़ा है। उन्होंने लिखा कि केजरीवाल दस वर्षों से अधिक समय से सदन के सदस्य रहे हैं और कई बार समिति के बैठकों में हिस्सा लेते रहे। केजरीवाल को अच्छे से पता है कि आज तक किसी भी ऐसी बैठक का लाइव प्रसारण नहीं किया गया है।
यह है दिल्ली का 'फांसी घर' विवाद
बता दें कि साल 2022 में विधानसभा परिसर में एक कमरे को ब्रिटिश काल का फांसी घर बताया गया था, जिस पर बवाल मचना शुरू हो गया था। उस वक्त बीजेपी विपक्ष में थी। विपक्ष का कहना था कि यह कमरा फांसी घर नहीं बल्कि साधारण कमरा था और फांसी घर बताने के दावों के किसी भी तरह के पक्के ऐतिहासिक सबूत नहीं मिले। बीजेपी ने इस मामले की जांच की मांग की। इसके बाद यह मामला दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति तक पहुंचा। अब अरविंद केजरीवाल को दोपहर तीन बजे विशेषाधिकार समिति के समक्ष पेश होना है।










