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दिल्ली की भाजपा सरकार ने आम आदमी पार्टी के शासनकाल में केंद्र सरकार, उपराज्यपाल और नौकरशाहों के खिलाफ दायर सभी मुकदमों को वापस ले लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस ऐतिहासिक कदम बताते हुए इसके पीछे की वजह भी साझा की है। उन्होंने कहा कि ऐसी कानूनी लड़ाइयां राजनीति से प्रेरित होती हैं, जिसकी वजह से संसाधनों की बर्बादी के चलते विकास का मार्ग बाधित हो जाता है। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद से एलजी और केजरीवाल सरकार के बीच राजनीतिक जंग को सभी ने देखा था। दोनों तरफ से एक दूसरे के खिलाफ आरोप प्रत्यारोप की राजनीति चलती रही, जिसका नतीजा कानूनी मुकदमों के रूप में भी सामने आया था। लेकिन, दिल्ली में सत्ता परिवर्तन के बाद से मौजूदा सरकार ने महसूस किया कि इन कानूनी लड़ाइयों का असर दिल्ली के विकास पर भी पड़ रहा है। 

दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया कि पिछली सरकार ने केवल राजनीतिक द्वेष के चलते ही मामले दर्ज किए, जिससे प्रशासनिक कामकाज में भारी बाधा देखी गई। ऐसे में मंत्री कपिल मिश्रा के नेतृत्व में कानून विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया, जिसमें राजनीति से प्रेरित मुकदमों को वापस लेने का मसौदा तैयार किया गया। अब दिल्ली सरकार ने आप के शासनकाल के दौरान केंद्र सरकार, एलजी और नौकरशाहों के खिलाफ राजनीति से प्रेरित मुकदमों को वापस ले लिया है। 

राजनीतिक नंबर बनाने के लिए दायर हुए केस

दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूर्व सरकार के शासनकाल में नंबर बनाने के लिए मुकद्दमे दायर किए गए थे। अलग-अलग मामलों में सुनवाई के लिए अलग-अलग तारीखों पर जाना पड़ता था। इसकी वजह से दिल्ली की परियोजनाओं और प्रशासनिक कार्यों में बाधा आती थी। दिल्ली का विकास कार्य तेजी से हो, इसके लिए ऐसे मुकद्दमों को वापस लेने की योजना बनाई थी। अब इन सभी राजनीति से प्रेरित मुकदमों को वापस ले लिया है।