दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज दिल्ली सरकार का वार्षिक बजट पेश किया। दिल्ली जल बोर्ड के लिए 9000 करोड़ रुपये, अनाधिकृत कॉलोनियों के लिए 8000 करोड़ रुपये और शिक्षा के लिए 19141 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इस बजट को हरित दिल्ली बजट बताया जा रहा है। वहीं, आम आदमी पार्टी का आरोप है कि यह बजट भी फर्जी साबित होगा। तो चलिये इस सियासी दंगल से पहले बताते हैं कि इस बजट को हरित बजट का नाम क्यों दिया गया है।
हरित दिल्ली बजट का नाम क्यों रखा?
दिल्ली के मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि पिछले साल के मुकाबले दिल्ली का बजट 1 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 1 लाख 3700 करोड़ रुपये हो गया है। यह शिक्षा, बुनियादी ढांचे, जल आपूर्ति, गाद हटाने, नई परियोजनाओं और पूंजीगत व्यय पर केंद्रित है, जिसके चलते इसे स्वच्छ हवा और हरित शहर के उद्देश्य से बनाया गया 'ग्रीन बजट' कहा जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने एक मजबूत योजना तैयार की है, जिसके तहत हर विभाग को प्रभावी कार्य करने के लिए पर्याप्त धनराशि दी गई है।
भाजपा विधायक अनिल गोयल ने कहा कि यह हरित दिल्ली बजट है क्योंकि यह स्वच्छ हवा, बेहतर स्वास्थ्य सेवा और सशक्त शिक्षा पर केंद्रित है। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि इसमें ई-फाइलिंग और रजिस्ट्रियों में पारदर्शिता लाई गई है, जिससे प्रणाली वास्तव में मानवरहित हो गई है। उन्होंने इस बजट को प्रगतिशील बताते हुए मुख्यमंत्री को बधाई दी है।
दिल्ली बजट पर आप और बीजेपी आमने-सामने
आतिशी ने साधा निशाना: दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी ने इस बजट को फर्जी बताया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी दिल्लीवालों के साथ धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा कर रही है। रेखा गुप्ता सरकार ने पिछले साल 1 लाख करोड़ का फर्जी बजट पेश किया था, लेकिन बीजेपी सरकार 1 लाख करोड़ के बजट से दमकल विभाग को एक सीढ़ी नहीं दे सकी? उन्होंने पालम अग्निकांड का जिक्र करते हुए कहा कि आशीष सूद को चुल्लू भर पानी में डूब जाना चाहिए। उनके पास फायर ब्रिगेड है, जिनके पास सीढ़ी तक नहीं है। उन्होंने कहा कि यह इतने बेशर्म है कि पीड़ित परिवार को ही दोषी ठहरा रहे हैं।
आशीष सूद ने किया पलटवार: दिल्ली विधानसभा के बजट सत्र पर आशीष सूद ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक बजट है, जो दिल्ली की आर्थिक स्थिरता और प्रगति के लिए है। उन्होंने कहा कि विधानसभा बजट सत्र से विपक्ष का भाग जाना केजरीवाल के विकास के झूठे दावों को बेनकाब करता है। उनके कार्यकाल के बजट में 2023-24 में पूंजीगत व्यय 21,000 करोड़ रुपये, 2024-25 में 24,000 करोड़ रुपये था और पिछले साल मुख्यमंत्री ने 28,115 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय की घोषणा की थी, जो बढ़कर 29,000 करोड़ रुपये हो गया। इसका मतलब है विकास में तेजी और इससे दिल्ली के लोगों को काफी फायदा होगा और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
स्पीकर विजेंद्र गुप्ता पर हमला: आप विधायक संजीव झा ने कहा कि दिल्ली का सदन लोगों के मुद्दों को उठाने, सरकार की नाकामियों को उजागर करने का एक प्लेटफॉर्म है, लेकिन दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष पिछले एक साल से तानाशाही तरीके से सदन चला रहे हैं। विपक्ष के विधायक जब जनता की आवाज उठाते हैं, तो अध्यक्ष हमें बाहर निकाल देते हैं। अध्यक्ष नहीं चाहते हैं कि सदन में जनता के सवाल उठाए जाएं। अगर वह हमें सदन में नहीं बोलने देंगे तो हम सड़क पर उतरकर सरकार से सवाल पूछेंगे।
बता दें कि पालम अग्निकांड के खिलाफ आज आम आदमी पार्टी की ओर से धरना प्रदर्शन किया गया। आप दिल्ली के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज की अगुआई में हुए इस प्रदर्शन में आतिशी और संजीव झा समेत कई नेताओं ने हिस्सा लिया था।