Faridabad News: फरीदाबाद शहर को एक स्वच्छ और साफ शहर बनाने के लिए नगर निगम ने एक अभियान की शुरुआत कर दी है। इस अभियान के तहत शहर के अलग-अलग इलाकों में चल रही 750 से ज्यादा अवैध डेयरियों को शहर से बाहर किया जाएगा। इसी अभियान के तहत सोमवार को बल्लभगढ़ इलाके में 3 डेरियों का चालान किया गया। साथ ही फरीदाबाद निगर निगम ने सोमवार को भारी पुलिस के साथ शहर के अलग इलाकों में चल रही 50 से ज्यादा मीट की दुकानों को सील करने का काम किया है। वहीं ऐसा भी बताया जा रहा है कि कुछ को बुलडोजर कार्रवाई के तहत ढहा दिया गया।
अवैध डेयरियां शहर की सफाई बिगाड़ रही हैं
नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक, स्मार्ट सिटी में सबसे ज्यादा डेयरियां संजय कॉलोनी, जवाहर कॉलोनी, बल्लभगढ़ चावला कॉलोनी, भगत सिंह कॉलोनी, पर्वतिया कॉलोनी और सेक्टर-22, 25, 55 में चल रही हैं। डेयरी मालिक दूध बेचकर कमाई करते हैं लेकिन पशुओं का गोबर नालियों और सीवर में बहा देते हैं। इससे ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह ठप हो जाता है और सीवर ओवरफ्लो की समस्या बढ़ जाती है। करीब पांच साल पहले संजय कॉलोनी में सीवर सफाई के दौरान गोबर की गैस से दो सफाई कर्मचारियों की मौत हो गई थी। इससे पहले बापू नगर और मिर्जापुर में दो बड़ी डेयरियों को सफलतापूर्वक बाहर शिफ्ट किया जा चुका है। अब बाकी डेयरियों को भी तय जगहों पर भेजने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
दूध की मांग और नियमों की अनदेखी
शहर की 28 लाख आबादी को रोजाना करीब 10 लाख लीटर दूध की जरूरत पड़ती है। लोग घर के पास की खुली डेयरियों से दूध लेना पसंद करते हैं। आईएमटी में वीटा कंपनी एक लाख लीटर, अमूल और मदर डेयरी सात लाख लीटर दूध की सप्लाई करती हैं बाकी स्थानीय डेयरियों से पूरा होता है। डेयरी वाले शहर से बाहर नहीं जाना चाहते क्योंकि ग्राहक आसानी से मिल जाते हैं। लेकिन नगर निगम के नियम साफ हैं। शहर की सीमा में बिना अनुमति डेयरी या मीट की दुकान चलाना अवैध है। मीट दुकान के लिए स्वास्थ्य विभाग से लाइसेंस जरूरी है और रिहायशी इलाकों में डेयरी पर पूरी पाबंदी है।
बल्लभगढ़ में अतिक्रमण हटाए
बल्लभगढ़ में मीट की 61 दुकानें और 127 अवैध डेयरियां चल रही हैं। नगर निगम की टीम ने लखानी चौक, सारन चौक, वर्लपूल चौक, सारन थाना के सामने, सेक्टर-22-23 फिश मार्केट रोड और दीनदयाल पार्क के आसपास के स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण भी हटा दिए। संयुक्त आयुक्त करण सिंह ने कहा कि अवैध मीट दुकानों और डेयरियों के खिलाफ अभियान लगातार चलेगा। बाकी दुकानों को भी जल्द सील किया जाएगा और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए अतिक्रमण और अवैध डेयरियों के खिलाफ चालान और हटाने की प्रक्रिया भी तेज रखी जाएगी।