Indira Gandhi Airport: दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट की 100 उड़ानों को रद्द कर कर दिया गया है। यह फैसला मिडिल ईस्ट में बढ़ते हुए तनाव को देखकर लिया गया है। पढ़िए पूरी खबर...

Indira Gandhi Airport: इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट की उड़ानों पर भी इसका असर पड़ा है। बताया जा रहा है कि इस तनाव के चलते  ईरान, इराक, कुवैत, इजराइल, बहरीन, यूएई, कतर समेत कई देशों के एयरस्पेस बंद या प्रतिबंधित हो गए हैं। इसी कड़ी में दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भी इसका असर पड़ा है। रविवार को दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर कम से कम 100 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द की गईं। इनमें 60 उड़ानें प्रस्थान (departures) और 40 उड़ानें आगमन (arrivals) की थीं। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) ने बताया कि मिडिल ईस्ट में बदलती राजनीतिक स्थिति के कारण पश्चिम दिशा की अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हो रही हैं। यात्रियों को उड़ान की नवीनतम जानकारी के लिए अपनी एयरलाइंस से संपर्क करने की सलाह दी गई है। कई एयरलाइंस ने पश्चिम एशिया के रास्ते वाली उड़ानों को रद्द या स्थगित किया है।

यात्रियों को परेशानी

इस संकट से दिल्ली एयरपोर्ट पर हजारों यात्री फंस गए हैं। कई लोग यूरोप, गल्फ देशों और अन्य पश्चिमी गंतव्यों की उड़ानों का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें लंबी प्रतीक्षा और अचानक बदलाव का सामना करना पड़ रहा है। भारतीय विमानन मंत्रालय के अनुसार, 28 फरवरी को घरेलू एयरलाइंस की 410 उड़ानें रद्द हुईं और 1 मार्च को लगभग 444 उड़ानें रद्द होने की उम्मीद है। DGCA ने एयरलाइंस को ईरान, इजरायल, लेबनान, यूएई, सऊदी अरब समेत 11 देशों के एयरस्पेस से बचने की सलाह दी है। यह प्रतिबंध 2 मार्च तक जारी रह सकता है।

एयरलाइंस की प्रतिक्रिया

एयर इंडिया, इंडिगो समेत प्रमुख भारतीय एयरलाइंस ने मिडिल ईस्ट और प्रभावित क्षेत्रों की उड़ानों को निलंबित कर दिया है। कुछ एयरलाइंस ने यूरोप और अमेरिका की कुछ उड़ानों को भी रद्द किया है। स्थिति लगातार बदल रही है, इसलिए यात्रियों को आधिकारिक स्रोतों से अपडेट लेने की सलाह दी जा रही है। यह संकट वैश्विक उड्डयन को प्रभावित कर रहा है और यात्रा योजनाओं में बदलाव की जरूरत पड़ रही है।